कर्नाटक: सोशल मीडिया पर एक नौजवान का पोस्ट तेजी से वायरल हो गया है, जिसमें उसने दावा किया है कि उसने हैदराबाद में सिर्फ 72 मिनट में 82 किलोमीटर की दूरी पैदल चलकर पूरी की। इस पोस्ट के बाद हैदराबाद और बेंगलुरु के बीच शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर चल रही पुरानी बहस एक बार फिर चर्चा में आ गई है।
पोस्ट करने वाले यूजर आशीष कुमार ने गूगल मैप्स नेविगेशन का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए कहा कि उसने हैदराबाद के आउटर रिंग रोड (ORR) पर तेज़ गति से यात्रा की और बिना किसी बड़ी बाधा के 82 किलोमीटर का सफर तय किया। उनके इस दावे के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। आशीष कुमार ने अपनी पोस्ट में बेंगलुरु की तुलना करते हुए कहा कि वहां की मौजूदा स्थिति को देखते हुए ऐसी यात्रा करना फिलहाल संभव नहीं है।
उन्होंने लिखा कि बेंगलुरु को हैदराबाद जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर तक पहुंचने के लिए कम से कम 10 साल के विकास की जरूरत है। उनके इस बयान ने दोनों शहरों के समर्थकों के बीच नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने आगे लिखा कि बेंगलुरु में ट्रैफिक जाम और खराब सड़कों की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। उनके अनुसार, शहर में कुछ किलोमीटर की दूरी तय करने में ही लगभग एक घंटे का समय लग जाता है और कई इलाकों में सड़कों की स्थिति भी खराब है। इसके मुकाबले उन्होंने हैदराबाद की सड़कों और आउटर रिंग रोड की तारीफ की, जहां तेज और सुगम यातायात देखने को मिलता है।
यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और इसे लाखों लोगों ने देखा। पोस्ट को 3.57 लाख से अधिक व्यूज और 1,400 से ज्यादा लाइक्स मिल चुके हैं। कई यूजर्स ने हैदराबाद के इंफ्रास्ट्रक्चर की तारीफ की, जबकि कुछ लोगों ने बेंगलुरु का बचाव करते हुए कहा कि दोनों शहरों की भौगोलिक और जनसंख्या स्थितियां अलग हैं। इस पूरे विवाद ने एक बार फिर भारत के बड़े आईटी और मेट्रो शहरों में बढ़ते ट्रैफिक और शहरी योजना से जुड़े मुद्दों को चर्चा में ला दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों शहरों में तेजी से बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के कारण इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। फिलहाल यह पोस्ट चर्चा का विषय बना हुआ है और सोशल मीडिया पर हैदराबाद बनाम बेंगलुरु बहस को और तेज कर रहा है।







