केन्या में भारत के उच्चायुक्त आदर्श स्वाइका ने केन्या स्कूल ऑफ गवर्नमेंट (केएसजी) में ‘व्हाई इंडिया मैटर्स फॉर केन्या’ विषय पर व्याख्यान दिया। कार्यक्रम में केन्या सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, सार्वजनिक उपक्रमों और काउंटी सरकारों के 120 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
ऐतिहासिक संबंधों और साझा आकांक्षाओं पर जोर
उच्चायुक्त ने भारत और केन्या के बीच लंबे ऐतिहासिक संबंधों को रेखांकित करते हुए कहा कि दोनों देशों ने औपनिवेशिक शासन के खिलाफ संघर्ष का साझा इतिहास देखा है। आज दोनों देश समावेशी और सतत विकास की दिशा में एक साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि केन्या के साथ भारत का विकास सहयोग केन्या की प्राथमिकताओं और स्थानीय क्षमताओं के निर्माण पर आधारित है। आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया अभियानों का जिक्र करते हुए स्वाइका ने बताया कि भारत बड़े पैमाने की विकास परियोजनाओं और आधुनिक समाधानों के जरिए अपनी विकास यात्रा को तेज कर रहा है।
डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और युवा कौशल पर फोकस
उच्चायुक्त ने भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि डिजिटल तकनीक ने भारत को पारंपरिक विकास मॉडल को पीछे छोड़कर तेजी से आगे बढ़ने में मदद की है। उन्होंने कहा कि भारत के किफायती और आधुनिक तकनीकी समाधान केन्या के लिए भी उपयोगी साबित हो सकते हैं। युवाओं के कौशल विकास और व्यावसायिक प्रशिक्षण को दोनों देशों के सहयोग का महत्वपूर्ण क्षेत्र बताते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं की क्षमताओं को निखारना और उन्हें रोजगार के लिए तैयार करना साझा प्राथमिकता होनी चाहिए।
बढ़ता व्यापार और निवेश
स्वाइका ने भारत से केन्या में बढ़ते व्यापार और निवेश का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, भारतीय निवेश न केवल पूंजी ला रहा है, बल्कि केन्या में रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर रहा है।
इंडिया कॉर्नर का उद्घाटन
इससे पहले उच्चायुक्त ने केएसजी के पुस्तकालय में इंडिया कॉर्नर का उद्घाटन किया। भारतीय उच्चायोग की ओर से भारत के इतिहास, संस्कृति, अर्थव्यवस्था, विदेश नीति और विकास यात्रा से जुड़ी बड़ी संख्या में किताबें भेंट की गईं। उद्घाटन समारोह में केएसजी काउंसिल के अध्यक्ष जस्टिस (सेवानिवृत्त) चार्ल्स न्याचे, डायरेक्टर जनरल प्रो. नूरा मोहम्मद और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस मौके पर उच्चायुक्त ने कैंपस में एक थिका पाम का पौधा भी लगाया। उच्चायोग के अनुसार, इंडिया कॉर्नर केन्या के लोक सेवकों और विद्वानों को भारत के बारे में जानकारी उपलब्ध कराएगा और दोनों देशों की बढ़ती साझेदारी के लिए जरूरी संसाधन जुटाने में मदद करेगा।








