एप्प्ल में नेतृत्व परिवर्तन के साथ भारत की भूमिका और मजबूत होने की संभावना जताई जा रही है। टिम कुक के सितंबर में पद छोड़ने के बाद, नए CEO जॉन टर्नस के नेतृत्व में कंपनी की India strategy को और गति मिल सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, टिम कुक के कार्यकाल में भारत Apple के लिए सिर्फ एक बाजार नहीं रहा, बल्कि मैन्युफैक्चरिंग हब और तेजी से बढ़ते कंज्यूमर बेस के रूप में उभरा है।
Counterpoint Research के तरुण पाठक का कहना है कि कुक ने भारत को Apple की दीर्घकालिक रणनीति के केंद्र में लाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने मैन्युफैक्चरिंग, रिटेल विस्तार और डेवलपर इकोसिस्टम को मजबूत किया।
वहीं CyberMedia Research के Prabhu Ram के मुताबिक, भारत अब Apple की ग्लोबल सप्लाई चेन डाइवर्सिफिकेशन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। वर्तमान में कंपनी अपने करीब 25% iPhone भारत में असेंबल कर रही है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि जिस तरह चीन ने पहले Apple की ग्रोथ में बड़ी भूमिका निभाई थी, अब वही भूमिका भारत निभा सकता है।
जॉन टर्नस, जिनका बैकग्राउंड इंजीनियरिंग में है, से उम्मीद है कि वे भारत के युवा और टेक-सेवी यूजर बेस के साथ बेहतर जुड़ाव बना पाएंगे और कुक द्वारा बनाई गई मजबूत नींव को आगे बढ़ाएंगे।
टिम कुक के नेतृत्व में Apple का मार्केट कैप करीब 350 अरब डॉलर से बढ़कर 4 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचा, जो कंपनी के इतिहास में बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।
कुल मिलाकर, Apple के लिए भारत अब सिर्फ एक विकल्प नहीं बल्कि भविष्य की ग्रोथ का केंद्र बनता जा रहा है।







