आगरा , 12 मई । उत्तर प्रदेश के आगरा में मंगलवार को यमुना नदी में नहाने के दौरान छह लोग डूब गए। रेस्क्यू के दौरान दाे लाेगाें काे बचालिया गया लेकिन चार लोगों की डूबने से मौत हो गई। इनमें एक बच्चा भी शामिल है।
बताया गया कि सोमवार की शाम आगरा के विद्यापुरम फाउंड्री नगर निवासी सौरभ पुत्र भूरी सिंह नाई की पुत्री नित्या (एक वर्ष) के जन्मदिन का कार्यक्रम था। इस बर्थडे पार्टी में कुछ रिश्तेदार बाहर से आए थे। मंगलवार को सभी यमुना नदी नहाने गये। नहाने के दाैरान दाेहपर करीब एक बजे दोपहर थाना क्षेत्र कमला नगर अंतर्गत यमुना नदी के बल्केश्वर घाट पर दो बच्चे नदी की गहराई की ओर जाने लगे और डूबने लगे। बच्चों को बचाने गए अन्य लाेग भी डूबने लगे। देखते ही देखते कान्हा (22) पुत्र रिंकू, महक (19) पुत्री कालीचरण निवासीगण ग्राम कुंजनपुर थाना सादाबाद हाथरस, रिया उम्र (17) पुत्री मनोज निवासी तारसी मथुरा, विक्की (11) पुत्र राकेश, काजल (17) पुत्री भूरी सिंह निवासी विद्यापुरम फाउंड्री नगर और अंशु (13) पुत्र कालीचरण निवासी ग्राम कुंजनपुर थाना सादाबाद हाथरस डूब गये।
डूबते लोगों की चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग नदी में कूद गयेl सूचना पर स्थानीय पुलिस एवं पीएसी पहुंच गई। इन लोगों की मदद से पुलिस और पीएसी की गोताखोरों ने नदी में डूबे लोगों में से पांच लोगों को बाहर निकाल लिया। पुलिस और स्थानीय लोगो की मदद से काजल, अंशु को निकाल लिया गया है लेकिन कान्हा, महक, रिया की मौत हो गईl एक अन्य बच्चे विक्की काे कई घंटे बाद गाेताखाेराें ने नदी से बाहर निकाला।तब तक उसकी भी माैत हाे चुकी थी मेडिकल कॉलेज में मौजूद मृतकों के परिजनों ने बताया कि बल्केश्वर में एक इन लोगों ने यमुना नदी में नहाने का कार्यक्रम बनाया। नहाने के दाैरान यमुना नदी में डूबने से कान्हा, महक, रिया और विक्की की मौत हो गईl पुलिस ने चाराें शवाें को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
डीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि बल्केश्वर में कुछ लोग एक बर्थडे पार्टी में सम्मिलित होने आए थे। इनमें से कुछ युवक, युवतियों और बच्चों ने पास में ही बह रही यमुना नदी में नहाने का कार्यक्रम बनाया और इसी दौरान छह लोग नदी में डूब गए। जिनमें से चार लोगों की मौत हो गई। मृतकों के परिजन भी पहुंच गए हैं और पुलिस विधिक कार्रवाई कर रही है।
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- नई दिल्ली, 12 मई (हि.स.)। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने पानीपत–जालंधर हाईवे परियोजना से जुड़े दो बड़े मध्यस्थता मामलों में 819.96 करोड़ सरकारी रुपये की बचत की। इन विवादों में रियायतधारकों द्वारा 8,375 करोड़ रुपये से अधिक के दावे और एनएचएआई द्वारा 2,888.64 करोड़ रुपये के प्रतिदावे शामिल थे। विस्तृत सुनवाई और साक्ष्यों की जांच के बाद मध्यस्थता न्यायाधिकरण ने एनएचएआई के पक्ष में फैसला सुनाया। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि पहले मामले में 5,443 करोड़ रुपये से अधिक के दावे किए गए थे, जिनमें टोल संग्रह में कथित नुकसान, अवसर हानि, टर्मिनेशन भुगतान और स्कोप परिवर्तन से जुड़े विवाद शामिल थे। एनएचएआई ने इन दावों का कड़ा विरोध किया और न्यायाधिकरण ने अधिकांश दावे खारिज कर दिए। प्रतिदावों को स्वीकार करते हुए न्यायाधिकरण ने एनएचएआई के पक्ष में लगभग 115.73 करोड़ रुपये का नेट अवॉर्ड दिया। दूसरे मामले में 2,931.79 करोड़ रुपये से अधिक के दावे किए गए थे, जिनमें परियोजना में देरी, लागत वृद्धि और अन्य वित्तीय प्रभाव शामिल थे। एनएचएआई ने इन्हें अनुबंधीय प्रावधानों और साक्ष्यों के आधार पर चुनौती दी। न्यायाधिकरण ने अधिकांश दावे खारिज कर दिए और एनएचएआई के प्रतिदावों को स्वीकार करते हुए लगभग 704.23 करोड़ रुपये का नेट अवॉर्ड दिया। इससे पहले एनएचएआई ने गुजरात के कमरेज–चलथन खंड (एनएच‑48) से जुड़े मध्यस्थता मामले में भी सफलता पाई थी, जिसमें 174.49 करोड़ रुपये के दावों के विरुद्ध केवल 54 लाख रुपये का अवॉर्ड दिया गया था।
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