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जनगणना 2027 के प्रथम चरण में बस्तर के 642 गांवों और दाे नगरीय निकायों में हुआ सर्वेक्षण

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जनगणना 2027 के प्रथम चरण में बस्तर के 642 गांवों और दाे नगरीय निकायों में हुआ सर्वेक्षण

जगदलपुर, 30 मई । जनगणना 2027 के प्रथम चरण “मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना” का कार्य बस्तर जिले में निर्धारित समयावधि में सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। यह कार्य एक मई से प्रारंभ होकर 30 मई को संपन्न हुआ। जिला प्रशासन के अनुसार इस चरण में तैयार की गई मकानसूची आगामी फरवरी 2027 में होने वाली जनसंख्या गणना के लिए आधार का कार्य करेगी।

कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में जिले के ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में प्रगणकों ने घर-घर पहुंचकर मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से जानकारी संकलित की। इस दौरान भारत सरकार द्वारा अधिसूचित 33 बिंदुओं पर मकानों की स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं तथा परिवारों की परिसंपत्तियों से संबंधित आंकड़े एकत्र किए गए। संकलित समस्त जानकारी को सुरक्षित रूप से भारत सरकार के सर्वर में संग्रहित किया गया है।

बस्तर जिले की 10 तहसीलों के अंतर्गत 642 ग्रामों और 2 नगरीय निकायों में यह कार्य संपादित किया गया। इसके लिए 10 ग्रामीण चार्ज और 2 नगरीय चार्ज बनाए गए थे, जिनके अंतर्गत कुल 1398 मकानसूचीकरण गणना ब्लॉक गठित किए गए।जनगणना अभियान के सफल संचालन के लिए जिले में कुल 1699 अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति की गई थी। इनमें 2 प्रमुख जनगणना अधिकारी, 3 जिला स्तरीय अधिकारी, 12 चार्ज अधिकारी, 2 मास्टर ट्रेनर, 36 फील्ड ट्रेनर, 1409 प्रगणक और 235 पर्यवेक्षक शामिल रहे।

दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंचने में आने वाली चुनौतियों के बावजूद प्रगणकों और पर्यवेक्षकों ने समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करते हुए निर्धारित समय में प्रथम चरण को सफलतापूर्वक पूरा किया। जिले का कोई भी क्षेत्र गणना कार्य से वंचित नहीं रहा और नागरिकों ने भी इस अभियान में सक्रिय सहयोग प्रदान किया।

कलेक्टर छिकारा ने जनगणना 2027 के प्रथम चरण की सफलता पर जिलेवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनसहयोग के कारण ही यह महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान सफल हो पाया है। उन्होंने फरवरी 2027 में आयोजित होने वाले द्वितीय चरण “जनसंख्या गणना” में भी नागरिकों से इसी प्रकार सहयोग करने की अपील की।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों द्वारा उपलब्ध कराई गई सभी व्यक्तिगत जानकारियां जनगणना अधिनियम 1948 एवं जनगणना नियमावली 1990 के तहत पूर्णतः गोपनीय रखी जाएंगी तथा इनका उपयोग केवल नीति निर्माण और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए किया जाएगा।

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