Breaking News

मध्य पूर्व में युद्ध के बावजूद भारत मजबूत स्थिति में, ईंधन आपूर्ति संकट प्रबंधनीय


व्यापार 13 July 2026
post

मध्य पूर्व में युद्ध के बावजूद भारत मजबूत स्थिति में, ईंधन आपूर्ति संकट प्रबंधनीय

मध्य पूर्व में अमेरिका-ईरान के बीच फिर से शुरू हुए संघर्ष और हॉर्मुज स्ट्रेट बंद होने की आशंका के बावजूद भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए पहले से कहीं बेहतर स्थिति में है। विशेषज्ञों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

मुख्य बातें

– ईरान द्वारा 11 जुलाई को हॉर्मुज स्ट्रेट को फिर से बंद करने के ऐलान के बाद जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई थी।
– भारत ने अगस्त महीने तक का कच्चा तेल और एलपीजी आयात पहले ही सुरक्षित कर लिया है।
– केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी के अनुसार, देश के पास 60 दिन का कच्चा तेल, 60 दिन का प्राकृतिक गैस (PNG) और 45 दिन का एलपीजी स्टॉक उपलब्ध है।
– एलपीजी और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति पर लगी पाबंदियों में पहले ही ढील दी जा चुकी है।

तेल की कीमतों में उछाल

– बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड करीब 5 प्रतिशत बढ़कर 80 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया।
– डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 5 प्रतिशत महंगा होकर 75 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचा।
– विशेषज्ञों का अनुमान है कि तनाव बढ़ने पर कीमतें 80-85 डॉलर तक जा सकती हैं, लेकिन गैर-ओपेक देशों के बढ़े उत्पादन के कारण आपूर्ति संबंधी चिंताएं कम हैं।

रिफाइनरी अधिकारियों के अनुसार, सितंबर-अक्टूबर में उत्पादन लागत बढ़ सकती है, लेकिन एनएनजी में कुछ दिक्कतें आएंगी तो भी वे प्रबंधनीय हैं। मध्य पूर्व में तनाव के बावजूद भारत की रणनीतिक ऊर्जा भंडारण नीति, विविध आयात स्रोत और पहले से किए गए आयात अनुबंधों ने देश को इस संकट का सामना करने के लिए मजबूत बनाया है। सरकार स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। यह खबर उन लाखों उपभोक्ताओं के लिए राहत की है जिन्हें ऊर्जा संकट और कीमतों में उछाल का डर था। 

You might also like!


RAIPUR WEATHER