रियल एस्टेट कंसल्टेंसी CBRE की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के ऑर्गनाइज़्ड रिटेल रियल एस्टेट मार्केट ने 2026 की पहली छमाही में अच्छी ग्रोथ दर्ज की, जिसमें ग्रॉस लीजिंग साल-दर-साल 20 परसेंट बढ़कर लगभग 3.9 मिलियन स्क्वेयर फीट हो गई, जो महंगाई के दबाव और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताओं के बावजूद रिटेलर के लगातार विस्तार को दिखाता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि लीजिंग की रफ़्तार ऑर्गनाइज़्ड रिटेल में लगातार बढ़ोतरी की वजह से बढ़ी है, जिसमें फैशन और कपड़े, एंटरटेनमेंट, ज्वेलरी और एक्सपीरियंस पर आधारित रिटेल फ़ॉर्मेट जैसे सेक्टर डिमांड में सबसे आगे हैं।
CBRE ने कहा कि इस सेक्टर के अपनी ग्रोथ बनाए रखने की उम्मीद है, जिसे आने वाले Grade A रिटेल डेवलपमेंट और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से सपोर्ट मिलेगा, जिसमें मेट्रो नेटवर्क और रिंग रोड का विस्तार शामिल है, जिससे कनेक्टिविटी बेहतर होने और कंज्यूमर कैचमेंट एरिया बढ़ने की उम्मीद है।
जनवरी-जून 2026 के दौरान, लगभग 0.9 मिलियन स्क्वायर फीट नया रिटेल स्पेस चालू हो गया, जिसमें साल के पहले छह महीनों में पूरी नई सप्लाई दिल्ली-NCR में हुई।
फैशन और कपड़ों का लीजिंग एक्टिविटी में सबसे बड़ा योगदान रहा, जो कुल जगह के इस्तेमाल का लगभग 40 परसेंट हिस्सा था। इस सेगमेंट की ग्रोथ डिपार्टमेंट स्टोर, मिड-रेंज फैशन ब्रांड और एथलीज़र रिटेलर्स ने लीड की।
फूड और बेवरेज सेगमेंट की लीजिंग एक्टिविटी में लगभग 14 परसेंट हिस्सेदारी थी, इसके बाद एंटरटेनमेंट की 9 परसेंट हिस्सेदारी थी। ज्वेलरी और होमवेयर और फर्निशिंग, दोनों ने लगभग 7 परसेंट हिस्सा लिया, जबकि कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स की कुल लीजिंग में 6 परसेंट हिस्सेदारी थी।
रिपोर्ट में बताया गया है कि बड़े मेट्रोपॉलिटन सेंटर्स के अलावा भी मज़बूत डिमांड है, क्योंकि फ़ैशन और कपड़ों के रिटेलर टियर-II शहरों में तेज़ी से बढ़ रहे हैं। चंडीगढ़ और जयपुर में लीज़िंग एक्टिविटी में इस सेगमेंट का हिस्सा लगभग 69 परसेंट और कोच्चि में लगभग 65 परसेंट था, जो उभरते हुए रिटेल मार्केट की बढ़ती अहमियत को दिखाता है।
CBRE के अनुसार, साल की पहली छमाही में कुल लीजिंग एक्टिविटी में घरेलू रिटेलर्स का हिस्सा 70 परसेंट से ज़्यादा था, जबकि डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) ब्रांड्स का हिस्सा कुल लीजिंग में लगभग 28 परसेंट था।
रिपोर्ट में ऑर्गनाइज़्ड रिटेल रियल एस्टेट में लगातार इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टमेंट का भी अनुमान लगाया गया है। इसमें कहा गया है कि शॉपिंग मॉल्स से उम्मीद है कि वे कंज्यूमर एंगेजमेंट बढ़ाने और सेक्टर में लॉन्ग-टर्म ग्रोथ को सपोर्ट करने के लिए एक्सपीरियंस-लेड फॉर्मेट और मिक्स्ड-यूज़ डेवलपमेंट को तेज़ी से अपनाएंगे।







