नई दिल्ली, 19 अगस्त कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर संगीत रागी की कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को लेकर की गई टिप्पणी की निंदा की है। खेड़ा ने कहा कि ‘दलित’ केवल राजनीतिक शब्द नहीं है, बल्कि यह उन समुदायों की सामाजिक पहचान है, जिन्होंने पीढ़ियों तक जातिगत भेदभाव, बहिष्कार और उत्पीड़न का सामना किया है।
खेड़ा ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर प्रो. रागी की एक टीवी चर्चा के दौरान उनकी टिप्पणी पर आपत्ति जताई। खेड़ा ने कहा कि किसी व्यक्ति द्वारा ‘दलित’ को केवल राजनीतिक शब्द बताना उस सामाजिक वास्तविकता को मिटाने की कोशिश है, जिसका सामना दलित समुदायों ने लंबे समय तक किया है।
उन्होंने कहा कि दलित शब्द को केवल चुनावी पहचान के रूप में देखना इतिहास, अपमान, संघर्ष और सामाजिक प्रतिरोध की वास्तविकता को नजरअंदाज करना है। ऐसी सोच सामाजिक वास्तविकता को मिटाने का प्रयास है।
कांग्रेस नेता ने इस टिप्पणी को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि खरगे के खिलाफ बार-बार की जा रही ऐसी टिप्पणियों के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत को माफी मांगनी चाहिए।
उल्लेखनीय है कि एक टीवी डिबेट में प्रो. रागी ने स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम के दौरान असहजता पर चर्चा के दौरान कहा था कि खरगे को क्या हो गया था। ये उनकी गुलामी और दलित मानसिकता की पहचान है। यही असली दलित मानसिकता है। इस पर डिबेट में अन्य लोगों ने जब रागी की इस बात से अहसमति जताई तो उन्होंने अपनी बात वापस ले ली।







