हर गरीब व्यक्ति का एक सपना होता है कि उसके पास एक पक्का आशियाना हो। यह ऐसी आस होती है जो व्यक्ति की उम्र के साथ-साथ बढ़ती जाती है। कोरिया जिले के वनांचल जनपद सोनहत अंतर्गत ग्राम पंचायत अकलासरई में रहने वाले श्री जगदीष के लिए उनका पक्का मकान से बेहतर शायद ही कोई समझ सकता हो। उम्र के आखिरी पड़ाव में उनकी पक्के मकान की चाहत को प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण ने पूरा कर दिया है।
पूर्व की स्थिति
सोनहत ग्राम पंचायत में रहने वाले श्री जगदीष का आरंभिक जीवन अपने पैतृक कार्य में बीता। इस दौरान उनके तीन बच्चे हुए जिनमें दो पुत्र युवावस्था आते तक असमय काल के गाल में समा गए। इन कठिन परिस्थितियों में जूझते हुए श्री जगदीष के लिए पक्के मकान का सपना असंभव सा हो गया था। अपने परिवार के साथ वह कठिन परिस्थिति में कच्चे मकान में निवासरत थे जो हर मौसम में उनके लिए कष्ट का कारण बनता था।
आवास ने बदली जीवन की राह
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत श्री जगदीष को वर्ष 2024 में सूचीबद्ध किया गया। आवास निर्माण के लिए उन्हें आर्थिक सहायता प्राप्त हुई और उन्होंने परिश्रम करके अपना सपनों का आशियाना बनाया। इससे उनके परिवार को मनरेगा के तहत 90 दिवस की मजदूरी भी प्राप्त हुई और उस राशि का उपयोग इन्होंने अपने मकान निर्माण में किया।
उम्र के आखिरी पड़ाव में सुख
अपनी कठिन जीवन परिस्थितियों को साझा करते हुए श्री जगदीष ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से बने पक्के मकान ने उनका वर्षों का सपना पूरा किया है। अब वह अपनी पत्नी बच्चे और बहू के साथ सुकून से जीवन व्यतीत कर पा रहे हैं। देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति उन्होंने भावुक होकर हार्दिक आभार व्यक्त किया।







