रायगढ़ 12 अक्टूबर। महाराजा श्री अग्रसेन जी की 5150वीं जयंती के पावन अवसर पर 11 अक्टूबर की देर रात तक रायगढ़ में भव्य एवं विराट शोभायात्रा निकाली गई। अग्रसेन सेवा संघ एवं श्री अग्रसेन जयंती आयोजन समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस शोभायात्रा में हजारों की संख्या में अग्रबंधु, महिलाएं, युवा और बच्चे उत्साह के साथ शामिल हुए। महाराजा अग्रसेन जी के जयकारों से शहर का माहौल भक्तिमय और उत्सवमय हो गया।
पारंपरिक वेशभूषा में शामिल समाजजनों ने सामाजिक एकता, सांस्कृतिक परंपरा और आपसी सद्भाव का संदेश दिया। शोभायात्रा के दौरान रायगढ़ के प्रमुख मार्गों पर लोगों की भीड़ उमड़ी और पूरा शहर अग्रसेनमय नजर आया।
चार घोड़ों की बग्गी में सजी महाराजा अग्रसेन की झांकी शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण चार घोड़ों से सुसज्जित भव्य बग्गी में विराजमान महाराजा अग्रसेन जी की झांकी रही। इसके पीछे उनके 18 पुत्रों की बग्गियां शोभायात्रा की भव्यता बढ़ा रही थीं। आकर्षक सजावट और पारंपरिक स्वरूप ने लोगों का ध्यान खींचा।
बाहर से आमंत्रित विभिन्न झांकियों ने भी आयोजन को खास बनाया। शोभायात्रा में शामिल झांकियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से धार्मिक आस्था और सामाजिक परंपराओं की झलक देखने को मिली।
शोभायात्रा में महाराष्ट्र के पुणे से आया धमाल बैंड विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। ढोल-नगाड़ों और बैंड की गूंज के बीच अग्रबंधु उत्साहपूर्वक आगे बढ़ते रहे। हनुमान जी और मां काली की झांकियों के साथ गोरिल्ला डांस और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी लोगों का मन मोह लिया।
शहर के प्रमुख मार्गों पर शोभायात्रा को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे। जगह-जगह लोगों ने उत्साह के साथ इस भव्य आयोजन को देखा। महाराजा अग्रसेन जयंती के अवसर पर निकली इस शोभायात्रा में समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। महिलाओं, युवाओं और बच्चों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति ने आयोजन को और भव्य बनाया।
पूरे आयोजन में सामाजिक एकता, सांस्कृतिक गौरव और परंपराओं के प्रति सम्मान की झलक देखने को मिली। महाराजा अग्रसेन जी की जयंती पर निकली इस विराट शोभायात्रा ने रायगढ़ में उत्सव का माहौल बना दिया।







