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यूथ ओलंपिक 2026 में धिनिधि और खुशबू डारजाडा का ऐतिहासिक प्रदर्शन


खेल 03 November 2026
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यूथ ओलंपिक 2026 में धिनिधि और खुशबू डारजाडा का ऐतिहासिक प्रदर्शन

यूथ ओलंपिक 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने अपने शानदार प्रदर्शन से देश का मान बढ़ाया है। सेनेगल की राजधानी डकार में आयोजित इन खेलों में भारत की युवा तैराक धिनिधि देसिंघु और जूडो खिलाड़ी खुशबू राजकभाई डारजाडा ने ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। दोनों खिलाड़ियों ने अलग-अलग खेलों में पदक जीतकर भारतीय खेल जगत को गौरवान्वित किया है। धिनिधि ने तैराकी में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा, वहीं खुशबू ने जूडो में रजत पदक अपने नाम किया। इन दोनों खिलाड़ियों की सफलता इसलिए भी खास है, क्योंकि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए भारतीय खेलों के लिए नई उपलब्धियां हासिल की हैं

सबसे पहले बात करते हैं 16 वर्षीय धिनिधि देसिंघु की, जिन्होंने महिलाओं की 100 मीटर फ्रीस्टाइल तैराकी स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। उन्होंने फाइनल मुकाबले में 56.27 सेकंड का समय निकालकर तीसरा स्थान हासिल किया। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने अपना ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बेहतर किया। इससे पहले उनका राष्ट्रीय रिकॉर्ड 56.57 सेकंड का था, जिसे उन्होंने जून 2026 में अहमदाबाद में आयोजित सीनियर नेशनल चैंपियनशिप के दौरान बनाया था। धिनिधि यूथ ओलंपिक में तैराकी का पदक जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। इस स्पर्धा में क्रोएशिया की एना बोबानोविक ने स्वर्ण और न्यूजीलैंड की एलिसा लॉसन ने रजत पदक हासिल किया।

धिनिधि की इस उपलब्धि के साथ ही भारत को तैराकी में यूथ ओलंपिक का पहला पदक मिला। खास बात यह है कि वह महज 14 साल की उम्र में पेरिस ओलंपिक 2024 में भी हिस्सा ले चुकी हैं। धिनिधि ने बचपन से ही तैराकी में रुचि दिखाई और लगातार अभ्यास के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। बेंगलुरु में प्रशिक्षण लेने वाली धिनिधि कोच निहार अमीन के मार्गदर्शन में अपनी प्रतिभा को निखार रही हैं। यूथ ओलंपिक में उनका प्रदर्शन आने वाले समय में भारतीय तैराकी के लिए नई उम्मीद लेकर आया है

वहीं, दूसरी ओर 15 वर्षीय खुशबू राजकभाई डारजाडा ने जूडो की महिलाओं की 63 किलोग्राम भारवर्ग स्पर्धा में रजत पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया। खुशबू ने प्रतियोगिता में शानदार शुरुआत की। प्री-क्वार्टर फाइनल में उन्होंने गिनी की मामाइसाटा कैमारा को 1-0 से हराया। इसके बाद क्वार्टर फाइनल में मोरक्को की अबीर बुआजावी को इप्पोन के जरिए मात देकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। सेमीफाइनल में उनका सामना अल्जीरिया की डौनिया बेराहौआल से हुआ, जहां खुशबू ने एक बार फिर इप्पोन के जरिए जीत दर्ज कर फाइनल में प्रवेश किया

दोनों खिलाड़ियों की सफलता भारतीय खेलों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और प्रतिभा को भी दर्शाती है। एक ओर धिनिधि ने तैराकी में भारत को पहली बार यूथ ओलंपिक पदक दिलाया, तो दूसरी ओर खुशबू ने जूडो में देश की पदक परंपरा को आगे बढ़ाया। इन युवा खिलाड़ियों की उपलब्धियां आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों को प्रेरित करेंगी। अब खेल प्रेमियों की निगाहें धिनिधि और खुशबू के भविष्य के प्रदर्शन पर टिकी हैं। उम्मीद है कि दोनों खिलाड़ी आगे भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश के लिए पदक जीतकर तिरंगे का मान बढ़ाएंगी।

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