रायपुर। एम्पीरिया सैफायर ग्रीन सोसाइटी से एक प्रेरणादायक पहल सामने आई है, जहां छोटे-छोटे बच्चों ने अपने ग्रीष्मावकाश को खास बना दिया है। सोसाइटी के इन नन्हें प्रतिभाओं ने अमासिवनी गांव के बच्चों के लिए क्रिएटिव आर्ट सीखाने का जिम्मा उठाया है।
पिछले 10 दिनों से ये बच्चे रोजाना 2 घंटे एम्पीरिया कम्युनिटी हॉल में गांव के बच्चों को ड्राइंग, पेंटिंग और अन्य रचनात्मक गतिविधियों की ट्रेनिंग दे रहे हैं। इस पहल का मकसद बच्चों के बीच सीखने और सिखाने की भावना को बढ़ावा देना है।
इस सराहनीय कार्य में शामिल बच्चों में अलंकृता, पीहू अग्रवाल, आविका पालीवाल, वाणी बजाज, समाया जिंदल और सिया अग्रवाल प्रमुख हैं। कम उम्र में ही समाज के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का यह उदाहरण सभी के लिए प्रेरणा बन रहा है।
सोसाइटी के लोगों का कहना है कि बच्चों की यह पहल सिर्फ कला सिखाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आपसी सहयोग, संस्कार और करुणा का भी संदेश देती है।
स्थानीय निवासियों ने इन बच्चों के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियां समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में अहम भूमिका निभाती हैं।
एम्पीरिया सैफायर ग्रीन की यह पहल बताती है कि बदलाव की शुरुआत छोटी उम्र से भी हो सकती है, बस जरूरत है सही दिशा और सोच की।







