केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ शनिवार को नागरिकों को आपातकालीन चेतावनियों की त्वरित और अधिक प्रभावी डिलीवरी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक राष्ट्रव्यापी मोबाइल-आधारित आपदा संचार प्रणाली का शुभारंभ करेंगे।
आपदा संचार को मिलेगा नया आयाम
इस प्रणाली को दूरसंचार विभाग ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के सहयोग से विकसित किया है, ताकि आपात स्थितियों के दौरान नागरिकों तक महत्वपूर्ण जानकारी का तेजी से और प्रभावी ढंग से प्रसार किया जा सके।
‘सचेत’ प्रणाली बनी आधार
इस पहल का मूल आधार एकीकृत चेतावनी प्रणाली ‘सचेत’ है, जिसे सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किया जा चुका है। दूरसंचार विकास केंद्र (सी-डॉट) द्वारा विकसित यह प्लेटफॉर्म मोबाइल उपयोगकर्ताओं को भौगोलिक रूप से लक्षित चेतावनियां देने के लिए एसएमएस आधारित अलर्ट का उपयोग करता है। यह अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ द्वारा अनुशंसित कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल का पालन करता है।
19 भाषाओं में 134 अरब से ज्यादा अलर्ट
देशभर में आपदा प्रबंधन अधिकारियों द्वारा इस प्रणाली का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। अब तक 19 से अधिक भारतीय भाषाओं में 134 अरब से ज्यादा एसएमएस अलर्ट भेजे जा चुके हैं, जिनमें प्राकृतिक आपदाएं, चरम मौसम चेतावनियां और चक्रवाती घटनाएं शामिल हैं। इससे जीवन बचाने और आपदा के प्रभाव को कम करने में तकनीक आधारित चेतावनी प्रणालियों की अहम भूमिका सामने आई है।
सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक से बढ़ेगी रफ्तार
भूकंप, सुनामी, बिजली गिरने, अचानक बाढ़ और औद्योगिक खतरों जैसी गंभीर स्थितियों में अलर्ट की गति और पहुंच को और मजबूत करने के लिए सरकार ने मौजूदा एसएमएस प्रणाली के साथ सेल ब्रॉडकास्ट (सीबी) तकनीक भी शुरू की है।
नेटवर्क व्यस्तता में भी तुरंत अलर्ट
परंपरागत मैसेजिंग के विपरीत, सीबी तकनीक एक तय भौगोलिक क्षेत्र के भीतर सभी मोबाइल उपकरणों पर एक साथ अलर्ट भेजने में सक्षम है, जिससे नेटवर्क व्यस्त होने पर भी लगभग तुरंत संदेश डिलीवर हो सकेगा।
आपातकालीन प्रतिक्रिया होगी और मजबूत
अधिकारियों के अनुसार, एसएमएस और सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम के एकीकरण से भारत के आपातकालीन संचार ढांचे में बड़ा सुधार होगा। इससे आपदाओं के दौरान रियल-टाइम, सुलभ और अधिक मजबूत सूचना प्रणाली तैयार होगी।
देशभर में होगा परीक्षण, घबराने की जरूरत नहीं
इस योजना के तहत देशव्यापी परीक्षण भी किया जाएगा, जिसमें दिल्ली-एनसीआर सहित कई प्रमुख शहरों में मोबाइल उपयोगकर्ताओं को हिंदी, अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषाओं में टेस्ट संदेश मिल सकते हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ये केवल परीक्षण संदेश होंगे और इन पर किसी प्रकार की कार्रवाई की आवश्यकता नहीं है। लोगों से ऐसे संदेश मिलने पर घबराने से बचने की अपील की गई है।







