भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई)
ने सुरंग इंजीनियरिंग, ढलान स्थिरता और क्षमता निर्माण में
उन्नत परामर्श सहायता के लिए नॉर्वे के नॉर्वेजियन जियोटेक्निकल इंस्टीट्यूट
(एनजीआई) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह सहयोग भारत के राष्ट्रीय राजमार्गों को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित और रखरखाव करने के लिए एनएचएआई की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसके लिए एनजीआई की भू-तकनीकी अभियांत्रिकी और प्राकृतिक आपदाओं के निवारण में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त विशेषज्ञता का लाभ उठाया जाएगा। समझौता ज्ञापन के तहत, दोनों संगठन प्राकृतिक आपदाओं को कम करने से संबंधित अनुसंधान एवं विकास पहलों पर सहयोग करेंगे।
मंत्रालय ने कहा कि समझौता ज्ञापन पांच वर्षों तक वैध रहेगा। यह साझेदारी अवसंरचना विकास, प्रौद्योगिकी आदान-प्रदान और सतत इंजीनियरिंग प्रथाओं के क्षेत्र में भारत और नॉर्वे के बीच बढ़ते सहयोग को दर्शाती है, जिससे द्विपक्षीय संबंध और मजबूत होते हैं और दीर्घकालिक संस्थागत सहयोग को बढ़ावा मिलता है।







