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क्वालिटी वॉल्स के फैसले के बाद छिड़ी बहस, क्या फ्रोजन डेजर्ट सेहत के लिए सही हैं?

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क्वालिटी वॉल्स के फैसले के बाद छिड़ी बहस, क्या फ्रोजन डेजर्ट सेहत के लिए सही हैं?

गर्मी का मौसम आते ही आइसक्रीम और फ्रोजन डेजर्ट की मांग बढ़ जाती है। लेकिन हाल ही में क्वालिटी वॉल्स द्वारा अपने उत्पादों में पाम ऑयल की जगह डेयरी-आधारित सामग्री इस्तेमाल करने की घोषणा के बाद फ्रोजन डेजर्ट और पारंपरिक आइसक्रीम को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि दोनों में क्या अंतर है और क्या फ्रोजन डेजर्ट वास्तव में स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं।

क्या है पूरा मामला?

क्वालिटी वॉल्स ने घोषणा की है कि वह वर्ष 2027 तक अपने पूरे उत्पाद पोर्टफोलियो को पाम ऑयल आधारित फॉर्मूले से हटाकर दूध आधारित सामग्री पर शिफ्ट करने की योजना बना रही है। खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और उनमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री को लेकर बढ़ती उपभोक्ता जागरूकता के बीच कंपनी का यह फैसला काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसका असर पूरे फ्रोजन डेजर्ट उद्योग पर पड़ सकता है।

फ्रोजन डेजर्ट को लेकर क्यों बढ़ रही है चिंता?

एक रिपोर्ट के मुताबिक, न्यूट्रिशनिस्ट मैक सिंह का कहना है कि आज की पीढ़ी पारंपरिक कुल्फी और घर में बनने वाली ठंडी मिठाइयों की तुलना में फ्रोजन डेजर्ट का अधिक सेवन कर रही है। हालांकि, इन उत्पादों में इस्तेमाल होने वाली कुछ सामग्रियां स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय बन सकती हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, कई फ्रोजन डेजर्ट में पाम ऑयल का उपयोग किया जाता है, जिसमें सैचुरेटेड फैट की मात्रा अधिक होती है। इसका अधिक सेवन खराब कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) के स्तर को बढ़ा सकता है और हृदय संबंधी समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकता है। इससे धमनियों में रुकावट की आशंका भी बढ़ सकती है।

दूध की जगह इस्तेमाल होते हैं ये विकल्प

मैक सिंह के अनुसार, कई फ्रोजन डेजर्ट में ताजे दूध की बजाय मिल्क सॉलिड्स या होल मिल्क पाउडर का उपयोग किया जाता है। उनका कहना है कि इनमें ऑक्सीडाइज्ड कोलेस्ट्रॉल मौजूद हो सकता है, जो रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाने और हृदय रोगों के खतरे से जुड़ा माना जाता है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ ऐसे उत्पादों का नियमित सेवन सीमित मात्रा में करने की सलाह देते हैं।

लिक्विड ग्लूकोज और एडिटिव्स भी बढ़ाते हैं चिंता

फ्रोजन डेजर्ट में स्वाद और टेक्सचर बेहतर बनाने के लिए अक्सर लिक्विड ग्लूकोज का इस्तेमाल किया जाता है, जो चीनी का प्रोसेस्ड रूप है। इसके अलावा, रंग और स्वाद को आकर्षक बनाने के लिए आर्टिफिशियल फ्लेवर, सिंथेटिक रंग, स्टेबलाइजर्स, इमल्सीफायर्स और अन्य एडिटिव्स भी मिलाए जाते हैं। कई उत्पादों में वेजिटेबल सोया प्रोटीन का भी उपयोग किया जाता है।

इन्हीं कारणों से फ्रोजन डेजर्ट को अक्सर अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड की श्रेणी में रखा जाता है।

अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड से जुड़े खतरे

विशेषज्ञों का मानना है कि अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का अत्यधिक सेवन मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज, हृदय रोग और खराब आंत स्वास्थ्य जैसी समस्याओं के जोखिम को बढ़ा सकता है। इसके अलावा, जब लोग ऐसे उत्पादों का अधिक सेवन करते हैं, तो वे धीरे-धीरे पोषक तत्वों से भरपूर प्राकृतिक खाद्य पदार्थों का सेवन कम कर देते हैं, जिससे संतुलित पोषण प्रभावित हो सकता है।

क्या करें?

गर्मी में ठंडे मीठे खाद्य पदार्थों का आनंद लेने के लिए हमेशा सामग्री की सूची (Ingredients List) पढ़ना बेहतर होता है। दूध आधारित आइसक्रीम, पारंपरिक कुल्फी या घर पर तैयार किए गए फ्रोजन विकल्प अपेक्षाकृत बेहतर विकल्प हो सकते हैं। साथ ही, किसी भी प्रोसेस्ड उत्पाद का सेवन संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए।

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