स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा आज नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद के 16वें सम्मेलन के दौरान समग्र शिशु बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (एसएसबीएसके) का शुभारंभ करेंगे। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने कहा कि यह कार्यक्रम "पहले तीन साल संपूर्ण देखना" के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाएगा, जो बच्चे के जीवन के पहले तीन वर्षों के महत्व को मान्यता देता है, जिसमें शिशु के जीवित रहने, विकास, पोषण और प्रारंभिक मस्तिष्क विकास के लिए इन तीन वर्षों का विशेष महत्व है।
इसमें आगे कहा गया है कि यह कार्यक्रम मौजूदा नवजात शिशु देखभाल (एचबीएनसी) और छोटे बच्चों की देखभाल (एचबीवाईसी) कार्यक्रमों को मिलाकर जन्म से तीन वर्ष तक के बच्चों के लिए एकीकृत गृह और समुदाय-आधारित स्वास्थ्य सेवा प्रदान करेगा। इस पहल के तहत जोखिम-आधारित अनुवर्ती प्रणाली भी शुरू की जाएगी, जिसमें अतिरिक्त गृह दौरे शामिल होंगे, और शिशु स्वास्थ्य सत्रों और शिशु शिविरों के माध्यम से प्रारंभिक जांच को मजबूत किया जाएगा।
एसएसबीएसके कार्यक्रम में प्रसवोत्तर मातृ मानसिक स्वास्थ्य जांच, प्रारंभिक बाल विकास और एकीकृत स्वास्थ्य प्लेटफार्मों के माध्यम से डिजिटल निगरानी शामिल होगी। मंत्रालय ने यह भी बताया कि यह कार्यक्रम झुग्गी-झोपड़ी, प्रवासी और वंचित आबादी के लिए विशेष रणनीतियों के माध्यम से शहरी क्षेत्रों में घर-आधारित देखभाल की जरूरतों को भी पूरा करेगा।






