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एफटीए और एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन से निर्यात को मिलेगी नई रफ्तार : पीयूष गोयल


विदेश 04 July 2026
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एफटीए और एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन से निर्यात को मिलेगी नई रफ्तार : पीयूष गोयल

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि भारत ने वित्त वर्ष 2026-27 में 1 ट्रिलियन डॉलर (एक लाख करोड़ डॉलर) के निर्यात का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। यह लक्ष्य पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के 863 अरब डॉलर के निर्यात की तुलना में मजबूत दोहरे अंकों की वृद्धि के साथ हासिल करने का प्रयास है।

मर्चेंडाइज और सेवा निर्यात के लिए अलग-अलग लक्ष्य

राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित बोर्ड ऑफ ट्रेड की बैठक को संबोधित करते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार चालू वित्त वर्ष में मर्चेंडाइज (वस्तु) निर्यात को करीब 530 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसके लिए लगभग 17% की वृद्धि की आवश्यकता होगी। वहीं, सेवा निर्यात को 421 अरब डॉलर से बढ़ाकर करीब 470 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए लगभग 11% की वृद्धि हासिल करनी होगी।

जून तक के आंकड़े उत्साहजनक

पीयूष गोयल ने कहा कि जून तक के आंकड़ों के आधार पर भारत अपने निर्धारित लक्ष्य की दिशा में सही रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार निर्यात के क्षेत्र में बड़ा और महत्वाकांक्षी लक्ष्य हासिल करना चाहती है। उन्होंने निर्यातकों और उद्योग जगत से मिलकर काम करने की अपील करते हुए कहा कि सभी को यह सुनिश्चित करना होगा कि भारत 1 ट्रिलियन डॉलर के निर्यात लक्ष्य से पीछे न रह जाए।

वैश्विक बाजारों में मौजूदगी बढ़ाने का सही समय

उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती रणनीतिक और आर्थिक अहमियत ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में नए अवसर पैदा किए हैं। ऐसे में भारतीय कंपनियों के लिए यह सही समय है कि वे केवल घरेलू बाजार पर निर्भर रहने के बजाय वैश्विक बाजारों में अपनी मौजूदगी मजबूत करें। पीयूष गोयल ने कहा, “मैं एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य चाहता हूं। आइए, हम सभी मिलकर इस दिशा में काम करें। आज भारत पहले से अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय देश बन रहा है। दुनिया हमारे साथ कारोबार करना चाहती है। अब हमें आगे बढ़कर वैश्विक बाजारों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ानी होगी।”

गुणवत्ता और ब्रांडिंग पर दिया जोर

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सफलता केवल प्रतिस्पर्धी कीमतों से नहीं मिलती। इसके लिए भारतीय कंपनियों को उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर बनानी होगी, विशेष कौशल विकसित करना होगा, मजबूत वैश्विक ब्रांड तैयार करने होंगे और ग्राहकों तक स्वयं पहुंचना होगा, न कि उनके आने का इंतजार करना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन को और मजबूत कर रही है। इसके तहत भारतीय कंपनियों को विदेशों में ब्रांडिंग और बाजार में मजबूत पहचान बनाने में सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा, “घरेलू बाजार में तो हम आसानी से अपने उत्पाद बेच लेते हैं, लेकिन निर्यात बाजार में जगह बनाने के लिए गुणवत्ता, कौशल और वैश्विक पहुंच जरूरी है। इसके लिए मेहनत करनी होगी। घर बैठकर यह संभव नहीं है। हमारा एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन विदेशों में आपकी ब्रांडिंग मजबूत करने में मदद करेगा।”

एफटीए से निर्यात को मिलेगी नई गति

केंद्रीय मंत्री ने भारत द्वारा किए जा रहे नए मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि ओमान के साथ मुक्त व्यापार समझौता 1 जून से लागू हो चुका है, जबकि भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता 15 जुलाई तक प्रभावी होने की उम्मीद है। उनके अनुसार, इन समझौतों से भारतीय निर्यातकों के लिए बड़े वैश्विक बाजारों तक पहुंच आसान होगी और निर्यात को नई गति मिलेगी। 

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