सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि सहकारिता मंत्रालय ने पिछले पांच वर्षों में सहकारी क्षेत्र से जुड़े लगभग 30 करोड़ लोगों के जीवन में नई ऊर्जा का संचार किया है।
नई दिल्ली में सहकारिता मंत्रालय के पांचवें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2021 में स्थापित इस मंत्रालय ने सहकारी पारिस्थितिकी तंत्र को एक आधुनिक, पारदर्शी, प्रौद्योगिकी-संचालित और प्रतिस्पर्धी तंत्र में बदल दिया है।
उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने सहकारी क्षेत्र के सामने आने वाली प्रमुख चुनौतियों की पहचान की है, इसके विकास के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार किया है और ऐसे सुधार पेश किए हैं जिन्होंने पूरे पारिस्थितिकी तंत्र का आधुनिकीकरण किया है।
श्री शाह ने कहा कि जब देश 2047 में अपनी स्वतंत्रता की शताब्दी मनाएगा, तो सहकारी आंदोलन एक समृद्ध भारत के लिए एक मजबूत आधार के रूप में काम करेगा।
6 जुलाई 2021 को मंत्रालय की स्थापना को याद करते हुए उन्होंने कहा कि इस निर्णय से सहकारी क्षेत्र से जुड़े लाखों लोगों का 75 साल का इंतजार समाप्त हुआ। उन्होंने आगे कहा कि मंत्रालय ने इस क्षेत्र की दशकों पुरानी उपेक्षा को समाप्त करते हुए इसमें नई जान फूंक दी है। श्री शाह ने इस आलोचना को भी खारिज कर दिया कि मंत्रालय राज्यों की शक्तियों में हस्तक्षेप करेगा।
मंत्रालय की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए श्री शाह ने कहा कि 30 क्षेत्रों में फैली 85 लाख से अधिक सहकारी समितियों और 32 करोड़ सदस्यों को कवर करने वाला एक एकीकृत डिजिटल डेटाबेस तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि इस डेटाबेस में लेखापरीक्षा की स्थिति, कारोबार, ग्रेडिंग और गांवों में सहकारी संस्थाओं की उपस्थिति से संबंधित जानकारी शामिल है, जिससे राज्यों को कमियों की पहचान करने और सहकारी नेटवर्क को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
श्री शाह ने एक राष्ट्रीय रैंकिंग ढांचा शुरू करने की भी घोषणा की, जिसके तहत हर क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली सहकारी समितियों को मान्यता दी जाएगी और उन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा।
मंत्री जी ने कहा कि सरकार ने प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) की भूमिका का विस्तार किया है, जिससे वे साझा सेवा केंद्रों के माध्यम से 300 से अधिक सेवाएं प्रदान कर सकेंगी। उन्होंने बताया कि 55,000 PACS अब रेलवे टिकट बुकिंग, जन्म और मृत्यु पंजीकरण, सरकारी योजनाओं के लिए आवेदन और डिजिटल भुगतान जैसी सेवाएं प्रदान कर रही हैं। श्री शाह ने आगे कहा कि 39,000 PACS किसान समृद्धि केंद्र बन गए हैं, 600 से अधिक PACS जन औषधि केंद्र चला रहे हैं, जबकि कई अन्य ईंधन आउटलेट और जल आपूर्ति योजनाओं का प्रबंधन कर रहे हैं।







