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भारतीय नौसेना ने कोच्चि में मल्टीनेशनल समुद्री सुरक्षा अभ्यास 'ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस 26-2' का समापन किया


देश 24 July 2026
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भारतीय नौसेना ने कोच्चि में मल्टीनेशनल समुद्री सुरक्षा अभ्यास 'ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस 26-2' का समापन किया

इंडियन नेवी ने गुरुवार को कोच्चि में सदर्न नेवल कमांड में ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस 26-2 खत्म किया। यह चार दिन का मल्टीनेशनल मैरीटाइम सिक्योरिटी ट्रेनिंग प्रोग्राम था। इसमें 27 देशों के पार्टिसिपेंट्स ने मिलकर रीजनल मैरीटाइम कोऑपरेशन और इंटरऑपरेबिलिटी को मजबूत किया।

सदर्न नेवल कमांड और इंडियन नेवी की अगुवाई वाली कंबाइंड टास्क फोर्स (CTF) 154 के अंडर कंबाइंड मैरीटाइम फोर्सेज (CMF) के साथ पार्टनरशिप में हुई इस एक्सरसाइज में 27 देशों के 276 लोगों ने हिस्सा लिया, जिन्हें 76 फैसिलिटेटर और सब्जेक्ट मैटर एक्सपर्ट्स के साथ-साथ चार इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन के रिप्रेजेंटेटिव का सपोर्ट मिला।

20 से 23 जुलाई तक चले इस ट्रेनिंग प्रोग्राम का उद्घाटन सदर्न नेवल कमांड हेडक्वार्टर के चीफ स्टाफ ऑफिसर (ट्रेनिंग) रियर एडमिरल दीपक सिंघल ने किया। इस मौके पर कंबाइंड मैरीटाइम फोर्सेज के डिप्टी कमांडर कमोडोर डैन थॉमस, सीनियर नेवल ऑफिसर और हिस्सा लेने वाले देशों के डेलीगेट मौजूद थे।

समापन समारोह में CTF 154 के कमांडर, कमोडोर मिलिंद एम. मोकाशी का समापन भाषण, फैसिलिटेटर्स को सर्टिफिकेट देना और चीफ स्टाफ ऑफिसर (ट्रेनिंग) का विदाई भाषण शामिल था।

इस एक्सरसाइज़ में क्लासरूम में चर्चा, सिम्युलेटर पर आधारित निर्देश और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग के ज़रिए प्रोफेशनल जानकारी और ऑपरेशनल तैयारी को बढ़ाने पर फोकस किया गया। सेशन में मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस, जानकारी शेयर करना, मैरीटाइम कानून, काउंटर-नारकोटिक्स ऑपरेशन, फोर्स प्रोटेक्शन के उपाय, एसिमेट्रिक खतरे, मैरीटाइम अनक्रूड सिस्टम और ऑपरेशनल सी ट्रेनिंग जैसे खास एरिया शामिल थे।

इंडियन नेवी के एक्सपर्ट्स ने ट्रेनिंग इनपुट दिए, जिसमें इन्फॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर–इंडियन ओशन रीजन (IFC-IOR), CMF का जॉइंट मैरीटाइम इन्फॉर्मेशन सेंटर (JMIC), साथ ही यूनाइटेड नेशंस ऑफिस ऑन ड्रग्स एंड क्राइम (UNODC) और IMO इंटरनेशनल मैरीटाइम लॉ इंस्टीट्यूट (IMO IMLI) जैसे इंटरनेशनल ऑर्गनाइज़ेशन शामिल थे।

पार्टिसिपेंट्स ने डैमेज कंट्रोल और फायरफाइटिंग, मैरीटाइम कम्युनिकेशन, समुद्र में सर्वाइवल, बोर्डिंग प्रोसीजर और इंडियन नेवी के जहाज पर सी ट्रेनिंग की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी ली। हैंड्स-ऑन सेशन से हिस्सा लेने वाले देशों को ऑपरेशनल एक्सपीरियंस और बेस्ट प्रैक्टिस शेयर करने और प्रोफेशनल नेटवर्क को मजबूत करने में मदद मिली।

रक्षा मंत्रालय (MoD) के अनुसार, चार दिन के इस कार्यक्रम में लगभग 3,800 ट्रेनिंग मैन-घंटे लगे और इसमें हिस्सा लेने वाली समुद्री सेनाओं के बीच ऑपरेशनल कॉन्फिडेंस और इंटरऑपरेबिलिटी को बेहतर बनाकर रीजनल कैपेसिटी-बिल्डिंग में मदद मिली।

ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस 26-2 के सफल आयोजन ने इंडियन नेवी के मॉडर्न ट्रेनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, एडवांस्ड सिमुलेटर और प्रोफेशनल एक्सपर्टीज़ को भी दिखाया। इस एक्सरसाइज़ ने इंडियन नेवी और कंबाइंड मैरीटाइम फोर्सेज़ के बीच पार्टनरशिप को और मज़बूत किया, साथ ही प्रोफेशनल मैरीटाइम ट्रेनिंग के लिए एक प्रमुख सेंटर के तौर पर सदर्न नेवल कमांड की भूमिका और कंबाइंड टास्क फोर्स 154 में भारत की लीडरशिप को भी हाईलाइट किया।

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