नेपाल में प्राकृतिक आपदा के कारण पिछले चार दिनों में रोल्पा और जाजरकोट में कुल 21 लोगों की जान चली गई । लगातार हो रही बारिश के बाद आए भूस्खलन में एक व्यक्ति के अब तक लापता होने और 11 लोगो के घायल होने की भी खबर है। यह जानकारी राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने दी ।
प्राधिकरण के अनुसार, लगातार बारिश के बाद रोल्पा के थवाड़, सुनछहरी और लुंग्री गांवपालिकाओं में भीषण भूस्खलन हुआ है। इन घटनाओं में अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें अकेले थवाड़ में हुए भूस्खलन में 12 लोगों की जान गई है। एक व्यक्ति लापता है, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
इसी तरह सुनछहरी में चार और लुंग्री में एक व्यक्ति की मौत हुई है। इसके अलावा जाजरकोट की भेरी नगरपालिका में हुए भूस्खलन में चार और लोगों की मौत हुई है।
प्राधिकरण की प्रवक्ता शान्ति महत ने बताया कि पिछले चार दिनों से लगातार हो रही बारिश के बाद विभिन्न स्थानों पर हुए भीषण भूस्खलन में मरने वालों की संख्या 21 पहुंच गई है। एक व्यक्ति अभी भी लापता है और घायलों की संख्या 11 हो गई है।
उन्होंने बताया कि राहत और बचाव कार्य के लिए स्थानीय निकायों, रेडक्रॉस और सुरक्षा कर्मियों को भी तैनात किया गया है। भूस्खलन का अध्ययन करने के लिए एक समिति गठित की है। यह समिति भेरी नगरपालिका और बाजुरा की त्रिवेणी नगरपालिका में हुए भूस्खलन का भी भूगर्भीय अध्ययन करेगी। प्राधिकरण ने समिति को अगले तीन दिनों के भीतर मौके पर पहुंचने का निर्देश दिया है।
प्राधिकरण ने कहा कि हिमालयी और पहाड़ी क्षेत्रों के कई स्थानों पर लगातार बारिश के कारण जमीन कमजोर और दलदली हो गई है, जिससे भूस्खलन की घटनाओं और जोखिम में बढ़ोतरी हो रही है। साथ ही अन्य क्षेत्रों में बाढ़, अचानक आने वाली बाढ़, मलबे के बहाव और जलभराव जैसी आपदाओं का खतरा भी बना हुआ है। प्राधिकरण ने मानसून की अवधि में लोगों से अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की है।
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नेपाल : प्राकृतिक आपदा से चार दिनों में रोल्पा और जाजरकोट जिले में 21 लोगों की मौत







