प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बिश्केक में एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेज़ेश्कियन के साथ द्विपक्षीय बैठक की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की। उन्होंने पश्चिम एशिया संघर्ष में हाल के घटनाक्रमों पर भी चर्चा की और बदलती स्थिति पर अपने विचार साझा किए। प्रधानमंत्री ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर चिंता व्यक्त की और भारत के इस रुख को दोहराया कि सभी मुद्दों का समाधान संवाद और कूटनीति के माध्यम से होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासों की आवश्यकता पर भी बल दिया। नौवहन और वाणिज्य की स्वतंत्रता की रक्षा का आह्वान करते हुए उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नागरिकों और नागरिक अवसंरचना, जिसमें वाणिज्यिक जहाजरानी और नाविक शामिल हैं, को किसी भी परिस्थिति में नुकसान नहीं पहुंचाया जाना चाहिए।
बाद में, प्रधानमंत्री ने आज किर्गिज़ गणराज्य के राष्ट्रपति सादिर ज़ापारोव से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की और भारत और किर्गिज़ गणराज्य के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच मौजूद पूरकताओं को ध्यान में रखते हुए आर्थिक और वाणिज्यिक सहयोग को और बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने छात्र आदान-प्रदान और सांस्कृतिक सहयोग सहित जन-संबंधों को मजबूत करने पर भी चर्चा की।
आज सुबह प्रधानमंत्री मोदी ने बिश्केक में आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशिन्यान से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने रक्षा, अर्थव्यवस्था, फार्मा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, संस्कृति और शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। उन्होंने पश्चिम एशिया की स्थिति सहित क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचार-विमर्श किया। प्रधानमंत्री दो दिवसीय किर्गिस्तान दौरे पर हैं। कल वे शंघाई सहयोग संगठन के 26वें शिखर सम्मेलन को संबोधित करेंगे।







