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केंद्रीय मंत्रिमंडल ने रेलवे की 20,800 करोड़ रुपये से अधिक की 8 मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी।


देश 10 September 2026
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केंद्रीय मंत्रिमंडल ने रेलवे की 20,800 करोड़ रुपये से अधिक की 8 मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी।

सरकार ने 20 हजार 800 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाली आठ रेलवे मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य प्रमुख मार्गों पर लाइन क्षमता बढ़ाना, परिचालन दक्षता में सुधार करना और भीड़भाड़ कम करना है।
 
कल कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि 10 हजार 783 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली तीन परियोजनाएं पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के 14 जिलों को कवर करेंगी और मौजूदा रेलवे नेटवर्क में लगभग 656 किलोमीटर की वृद्धि करेंगी। इनमें खड़गपुर-झारसुगुड़ा चौथी लाइन, कटनी-पेंड्रा रोड चौथी लाइन और बिलासपुर-पेंड्रा रोड तीसरी लाइन शामिल हैं। इन्हें 2029-30 तक पूरा करने की योजना है।
 
अन्य पांच परियोजनाएं, जिनकी लागत लगभग 10 हजार 21 करोड़ रुपये है, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के 17 जिलों को कवर करेंगी और नेटवर्क में लगभग 540 किलोमीटर की वृद्धि करेंगी। इनमें अरक्कोनम-रेनिगुंटा तीसरी और चौथी लाइन, व्हाइटफील्ड-बंगारापेट तीसरी और चौथी लाइन और होसुर-ओमालूर लाइन का दोहरीकरण शामिल हैं। इन परियोजनाओं से लगभग 52 लाख की आबादी वाले लगभग 2100 गांवों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
 
श्री वैष्णव ने यह भी कहा कि सरकार ने लगभग 11 हजार किलोमीटर लंबे सभी सात उच्च घनत्व वाले रेलवे कॉरिडोर को चौगुना करने का निर्णय लिया है। इनमें दिल्ली-हावड़ा, मुंबई-हावड़ा, दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-गुवाहाटी, दिल्ली-चेन्नई, हावड़ा-चेन्नई और मुंबई-चेन्नई शामिल हैं।
 
2,000 किलोमीटर की चार-लाइन बिछाने का काम पहले ही पूरा हो चुका है।
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के बारे में श्री वैष्णव ने कहा कि यह सेवा अगले साल शुरू हो जाएगी। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है और सूरत से वापी तक का शुरुआती 100 किलोमीटर का खंड जल्द ही खोल दिया जाएगा।
 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि रेलवे मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं पर कैबिनेट के फैसलों से यात्रियों की आवाजाही तेज होगी, कनेक्टिविटी बेहतर होगी और माल ढुलाई क्षमता में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से दक्षिण भारत में रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी और लाखों लोगों को लाभ मिलेगा।
 
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं से छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में रेलवे नेटवर्क का विस्तार होगा और कनेक्टिविटी में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से पर्यटन, विशेष रूप से विरासत और वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और रसद लागत कम करने में मदद मिलेगी।

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