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सागर शराबकांड के तीन आरोपिताें के पांच मकानों पर चला बुलडोजर


देश 10 September 2026
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सागर शराबकांड के तीन आरोपिताें के पांच मकानों पर चला बुलडोजर

सागर, 10 सितंबर। मध्य प्रदेश के सागर जिले में बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में प्रशासन ने गुरुवार को आरोपितों की संपत्तियों पर बड़ी कार्रवाई की। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने बंडा के वार्ड नंबर 11 और 12 में तीन आरोपितों से जुड़े पांच मकानों के कथित अवैध निर्माणों को बुलडोजर से हटाया। कार्रवाई के दौरान तीन जेसीबी मशीनें और भारी पुलिस बल तैनात रहा।

प्रशासन के अनुसार, कार्रवाई मुख्य आरोपी बताए जा रहे चंद्रभान सिंह राजपूत उर्फ चंदू, आशीष साहू और मनीष लोधी से जुड़े निर्माणों पर की गई। कुल पांच मकानों पर कार्रवाई की गई है। प्रशासन की टीम सबसे पहले चंद्रभान सिंह राजपूत के मकान पर पहुंची। इसके बाद आशीष साहू और मनीष लोधी से जुड़े मकानों पर भी कार्रवाई की गई। प्रशासन का कहना है कि राजस्व रिकॉर्ड और जांच के आधार पर चिह्नित किए गए कथित अवैध निर्माणों और अतिक्रमण को हटाया जा रहा है। आशीष साहू के एक मकान को पूरी तरह गिरा दिया गया है। मनीष लोधी से जुड़े तीन मकानों में भी कथित अवैध हिस्से हटाए गए। कार्रवाई के दौरान परिवार के सदस्यों और सुरक्षाकर्मियों के बीच बहस की स्थिति भी बनी।

एसडीएम संजय जैन के अनुसार, मुख्यमंत्री के निर्देश और जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अवैध शराब कारोबार से जुड़े आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि शासकीय भूमि पर अतिक्रमण, अनाधिकृत निर्माण और कृषि भूमि पर कब्जे की शिकायतों की जांच की जा रही है।एसडीएम के मुताबिक सिमरिया गांव में भी कृषि भूमि पर अनाधिकृत कब्जे की जानकारी मिली है। वहां शाहगढ़ तहसीलदार के स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। अन्य आरोपियों की संपत्तियों की भी जांच की जा रही है और रिकॉर्ड में अनियमितता मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से मौतों को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आ रहे हैं। ताजा रिपोर्टों में 28 मौतों का दावा किया गया है, जबकि प्रशासन की ओर से 15 मौतों की पुष्टि की गई है। कई मरीजों के अस्पतालों में उपचाररत होने की भी जानकारी है। मामले में मौतों की वास्तविक संख्या और कारणों को लेकर जांच जारी है। पोस्टमार्टम और चिकित्सकीय रिपोर्ट के आधार पर मौतों की वजह की पुष्टि की जा रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार 12 मृतकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मेथनॉल विषाक्तता सामने आने की बात कही गई है।

जहरीली शराब मामले की जांच में पुलिस ने अवैध शराब के अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा करने का दावा किया है। बंडा और विनायका थाना क्षेत्रों में कार्रवाई के दौरान कुल 16 आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। वहीं, कुछ मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी पर इनाम घोषित किया गया है।

मामले में सरकार ने जांच का दायरा भी बढ़ाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जहरीली शराब कांड की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही प्रशासनिक स्तर पर भी बदलाव किए गए हैं। इससे पहले कलेक्टर स्तर से मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश भी दिए गए थे। जांच में शराब की आपूर्ति, बिक्री, मौतों के कारण और जिम्मेदार लोगों की भूमिका सहित विभिन्न पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

प्रशासन अब आरोपियों से जुड़ी अन्य संपत्तियों और निर्माणों की जांच कर रहा है। राजस्व रिकॉर्ड में अनधिकृत निर्माण या शासकीय भूमि पर अतिक्रमण मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पुलिस अवैध शराब के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

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