नई दिल्ली, 26 अक्टूबर। वायर, केबल और अंडरग्राउंड पाइपलाइनों में इस्तेमाल होने वाले विशेष पॉलीमर कंपाउंड का निर्माण करने और बिजली, दूरसंचार, रेलवे जैसे उद्योगों को एचडीपीई, एमडीपीई, एलएलडीपीई, एक्सएलपीई, पीवीसी, एचएफएफआर सहित केबल फिलिंग व एडहेसिव कोटिंग कंपाउंड की आपूर्ति करने वाली कंपनी बीएलएस पॉलीमर्स लिमिटेड का 255 करोड़ रुपये का आईपीओ कल सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च किया जाएगा। इस आईपीओ में निवेशक 29 अक्टूबर तक बोली लगा सकते हैं।
इश्यू की क्लोजिंग के बाद 30 अक्टूबर को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 2 नवंबर को अलॉटेड शेयर सफल निवेशकों के डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। इसी दिन जिन निवेशकों को शेयर का अलॉटमेंट नहीं हुआ होगा, उनके लिए रिफंड की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। कंपनी के शेयर 3 नवंबर को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर लिस्ट हो सकते हैं।
इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 142 रुपये से लेकर 150 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 100 शेयरों का है। रिटेल इंवेस्टर्स इस इश्यू में कम से कम एक लॉट यानी 100 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 15,000 रुपये का निवेश करना होगा। रिटेल निवेशक अधिकतम 13 लॉट में 1,300 शेयर के लिए 1,95,000 रुपये तक की बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 1.70 करोड़ नए शेयर जारी किए जा रहे हैं।
इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए अधिकतम 50 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए न्यूनतम 35 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए कम से कम 15 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इस पूरे इश्यू के लिए यूनिस्टोन कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है।
आईपीओ के तहत शेयरों की बिक्री से जुटाए गए इस पैसे में से 77.56 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कंपनी अपनी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के विस्तार और उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए कैपिटेल एक्सपेंडिचर के रूप में करेगी। इसके अलावा 89.50 करोड़ रुपये वर्किंग कैपिटल की जरुरतों को पूरा करने और शेष राशि सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए उपयोग की जाएगी।
बीएलएस पॉलीमर्स लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कंपनी द्वारा सेबी के पास जमा किए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस में दी गई जानकारी के अनुसार कंपनी की वित्तीय सेहत में पिछले वित्त वर्षों के दौरान शानदार सुधार हुआ है। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी को 21.14 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2025-26 में 28 प्रतिशत की बढ़त के साथ 27.01 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी को 10.23 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी को 336.70 करोड़ रुपये का कुल राजस्व (टोटल इनकम) प्राप्त हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2025-26 में 5 प्रतिशत की बढ़त के साथ 354.41 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी को 107.81 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हो चुका था।
इस अवधि में कंपनी के विस्तार के साथ उस पर लदे कर्ज के बोझ में कमी देखने को मिली है, हालांकि हालिया तिमाही में यह थोड़ा बढ़ा है। वित्त वर्ष 2024-25 के अंत में कंपनी पर कुल 73.92 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो अगले वित्त वर्ष 2025-26 में घटकर 51.72 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी पर कुल 62.91 करोड़ रुपये का कर्ज दर्ज किया गया था।
कंपनी की कुल संपत्ति (टोटल एसेट्स) में भी इस दौरान मजबूती बनी रही। वित्त वर्ष 2024-25 के अंत में कंपनी की कुल संपत्ति 179.14 करोड़ रुपये के स्तर पर थी, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 206.13 करोड़ रुपये हो गई। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत यानी 30 जून 2026 तक कंपनी की कुल संपत्ति 231.34 करोड़ रुपये दर्ज की गई।
रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो कंपनी ने इस मोर्चे पर भी उतार-चढ़ाव के बीच मजबूती बनाई है। वित्त वर्ष 2024-25 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 58.34 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो अगले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में थोड़ा घटकर 49.90 करोड़ रुपये रहा। हालांकि, मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक यह दोबारा शानदार सुधार के साथ 60.14 करोड़ रुपये हो चुका था।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी लगातार बड़ा इजाफा दर्ज किया गया। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ 67.94 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 94.93 करोड़ रुपये हो गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत यानी 30 जून 2026 तक कंपनी का नेटवर्थ 105.17 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।







