त्योहारों के मौसम में बाजारों में रौनक और खरीदारी का माहौल है, लेकिन इसी बीच कारोबारियों को महंगाई का एक और झटका लगा है। तेल विपणन कंपनियों ने 1 नवंबर 2026 से 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। दिल्ली में कमर्शियल गैस सिलेंडर अब 10 रुपये महंगा होकर 2,820 रुपये का हो गया है। वहीं, देश के दूसरे बड़े शहरों में भी कीमतों में 10 से 11.50 रुपये तक का इजाफा किया गया है। नई दरें लागू होने से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, मिठाई की दुकान और कैटरिंग कारोबार से जुड़े लोगों की लागत बढ़ सकती है। खास बात यह है कि यह बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है, जब दीपावली और अन्य त्योहारों के चलते बाजारों में खाने-पीने की वस्तुओं की मांग बढ़ी हुई है।
नई दरों के अनुसार दिल्ली में 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 2,810 रुपये से बढ़कर 2,820 रुपये हो गई है। मुंबई में इसका भाव 2,764 रुपये से बढ़कर 2,774.50 रुपये पहुंच गया है। कोलकाता में सिलेंडर की कीमत 2,954 रुपये से बढ़कर 2,964 रुपये हो गई है। वहीं, चेन्नई में सबसे ज्यादा 11.50 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है और यहां नया भाव 2,994.50 रुपये हो गया है। बेंगलुरु में कमर्शियल सिलेंडर अब 2,908 रुपये में मिलेगा। अलग-अलग शहरों में कीमतों का अंतर स्थानीय कर और अन्य शुल्कों के कारण होता है। इसलिए उपभोक्ताओं को अपने शहर की नई दर के अनुसार भुगतान करना होगा।
कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में यह लगातार दूसरे महीने की बढ़ोतरी है। इससे पहले 1 अक्टूबर को भी 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर के दाम में 62.50 रुपये का इजाफा किया गया था। सितंबर में भी कीमतों में 9.50 रुपये की वृद्धि हुई थी। हालांकि, इससे पहले जुलाई और अगस्त में लगातार दो महीने कीमतों में कटौती की गई थी। जुलाई में 183.50 रुपये और अगस्त में 192 रुपये की राहत मिली थी। इस साल फरवरी से जून के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा आपूर्ति और कीमतों से जुड़ी परिस्थितियों के कारण कमर्शियल गैस के दाम में भारी उछाल आया था। जून में दिल्ली में इसकी कीमत 3,113.50 रुपये तक पहुंच गई थी। बाद में कीमतों में कटौती से कारोबारियों को राहत मिली, लेकिन अब फिर से बढ़ोतरी का सिलसिला दिखाई दे रहा है।
कमर्शियल एलपीजी की कीमतों का सीधा असर उन कारोबारों पर पड़ता है, जहां रोजाना बड़ी मात्रा में गैस का इस्तेमाल होता है। होटल और रेस्टोरेंट में खाना पकाने, मिठाई बनाने, चाय-नाश्ते की दुकानों और कैटरिंग सेवाओं में कमर्शियल सिलेंडर जरूरी ईंधन है। त्योहारों के दौरान मिठाइयों, नमकीन और तैयार खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में गैस की कीमत बढ़ने से कारोबारियों का खर्च बढ़ सकता है। छोटे दुकानदारों और ढाबा संचालकों के लिए यह अतिरिक्त लागत चुनौती बन सकती है। कुछ कारोबारी इस खर्च को खुद वहन कर सकते हैं, जबकि कुछ उत्पादों और सेवाओं की कीमतों में बदलाव पर विचार कर सकते हैं। हालांकि, ग्राहकों पर इसका कितना असर पड़ेगा, यह स्थानीय बाजार और कारोबारियों की प्रतिस्पर्धा पर निर्भर करेगा।
राहत की बात यह है कि घरेलू रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए 14.2 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी घरों में इस्तेमाल होने वाला रसोई गैस सिलेंडर फिलहाल पुरानी कीमत पर ही उपलब्ध रहेगा। पेट्रोल और डीजल के दाम भी स्थिर रखे गए हैं। तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमतों और रुपये-डॉलर की विनिमय दर को ध्यान में रखते हुए कमर्शियल एलपीजी के नए दाम तय करती हैं। कुल मिलाकर, नवंबर की शुरुआत में कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में हुई बढ़ोतरी ने त्योहारों के बीच कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है। अब देखना होगा कि बढ़ी हुई लागत का असर बाजार में खाद्य पदार्थों और खानपान सेवाओं की कीमतों पर कितना पड़ता है।







