शुक्रवार को सूरत राज्य के उत्सवों का केंद्र बन गया, क्योंकि 66वां 'गुजरात गौरव दिवस' राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में एक बड़े पैमाने पर पुलिस परेड, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और सार्वजनिक भागीदारी के साथ मनाया गया।
समारोह की शुरुआत राज्यपाल आचार्य देवव्रत द्वारा वाई जंक्शन पर सलामी लेने के साथ हुई, जिसके बाद उन्होंने औपचारिक रूप से लालभाई कॉन्ट्रैक्टर स्टेडियम की ओर जाने वाली भव्य परेड को हरी झंडी दिखाई।
इस कार्यक्रम में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के साथ-साथ राज्य मंत्रिमंडल, संसद, विधानसभा और शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के वरिष्ठ नेता भी उपस्थित थे।
इस परेड में गुजरात पुलिस की 18 प्लाटून के 750 से अधिक जवान शामिल थे, जिनका नेतृत्व आईपीएस अधिकारी डॉ. नवीन चक्रवर्ती ने किया।
इसमें गुजरात के विकास सफर को उजागर करने वाले विषयगत झांकियों के साथ औपचारिक ड्रिल संरचनाओं का संयोजन किया गया था।
जुलूस में पुलिस की मोटरसाइकिलों द्वारा किए गए स्टंट भी शामिल थे, जिन्होंने रास्ते भर जमा हुए दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
समारोह के प्रारंभ में, परेड शुरू होने से पहले राज्यपाल ने सलामी ली।
मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने वंदे मातरम के गायन में भाग लिया, वहीं भीड़ द्वारा बार-बार "जय जय गरवी गुजरात" और "भारत माता की जय" के नारे गूंजते रहे। सांस्कृतिक प्रस्तुतियां कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थीं, जिनमें गरबा और आदिवासी नृत्यों के माध्यम से राज्य की पारंपरिक कलाओं का प्रदर्शन किया गया।
गायक भाविन शास्त्री और उनके बैंड द्वारा प्रस्तुत संगीतमय प्रस्तुति में "जय जय गरवी गुजरात" जैसे देशभक्तिपूर्ण गीत शामिल थे, जिनका आयोजन जिला प्रशासन के शाम के कार्यक्रम के हिस्से के रूप में किया गया था।
इस आयोजन को देखने के लिए परेड मार्ग के विभिन्न स्थानों पर भारी भीड़ जमा हो गई।
उपस्थित लोगों में वित्त मंत्री कनुभाई देसाई, ऊर्जा मंत्री ऋषिकेश पटेल, कृषि मंत्री जीतू वाघानी, वन और पर्यावरण मंत्री अर्जुन मोढवाडिया, स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया, विधानसभा के उपसभापति पूर्णेश मोदी, सांसद मुकेश दलाल और विधायक अरविंद राणा, मोहन डोडिया, संदीप देसाई, मुकेश पटेल और संगीता पाटिल शामिल थे।
उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों में मुख्य सचिव एमके दास, सूचना एवं प्रसारण सचिव डॉ. विक्रांत पांडे, डीजीपी डॉ. केएलएन राव, जिला प्रभारी सचिव शालिनी अग्रवाल, जिला कलेक्टर डॉ. सौरभ परधी, पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलोत और नगर आयुक्त एम. नागराजन शामिल थे।








