रायपुर, 6 अगस्त। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का गुरुवार का दिन प्रशासनिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। राजधानी रायपुर में आयोजित विभिन्न विभागीय बैठकों और कार्यक्रमों के जरिए राज्य सरकार विकास कार्यों की प्रगति, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और भविष्य की कार्ययोजना पर मंथन करेगी। मुख्यमंत्री का पूरा कार्यक्रम शासन की प्राथमिकताओं को गति देने और विभागीय कार्यों की नियमित निगरानी पर केंद्रित रहेगा।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सुबह 11 बजे मंत्रालय पहुंचेंगे, जहां वे पारस राज्य प्रगति पोर्टल की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। यह पोर्टल राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं, परियोजनाओं और विकास कार्यों की प्रगति पर नजर रखने का एक महत्वपूर्ण डिजिटल माध्यम है। बैठक में अलग-अलग विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की वर्तमान स्थिति, समय-सीमा के भीतर कार्यों की प्रगति, लंबित मामलों और परियोजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री अधिकारियों से यह भी जानेंगे कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में किन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है और उन्हें दूर करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
इसके बाद मुख्यमंत्री दोपहर 1 बजे 'विकसित भारत' विषय पर आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करेंगे। इस दौरान वे केंद्र और राज्य सरकार के साझा विकास दृष्टिकोण, सुशासन, आधारभूत संरचना, डिजिटल प्रशासन, सामाजिक कल्याण योजनाओं और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य की दिशा में छत्तीसगढ़ की भूमिका पर अपने विचार रख सकते हैं। प्रेस वार्ता के माध्यम से सरकार राज्य में चल रही प्रमुख विकास परियोजनाओं, निवेश, रोजगार, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और औद्योगिक विकास से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं को भी सामने रख सकती है।
प्रेस वार्ता के बाद मुख्यमंत्री ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के साथ विभागीय समीक्षा बैठक करेंगे। इस बैठक में राज्य में बिजली उत्पादन, विद्युत आपूर्ति, ट्रांसमिशन और वितरण व्यवस्था, ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में बिजली उपलब्धता, अधोसंरचना विस्तार तथा ऊर्जा क्षेत्र की विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। साथ ही विभाग को सौंपे गए लक्ष्यों, समयबद्ध परियोजनाओं और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के उपायों की भी समीक्षा की जाएगी।
मुख्यमंत्री की इन बैठकों का उद्देश्य केवल प्रगति का आकलन करना नहीं, बल्कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं की पहचान कर उनका समय पर समाधान सुनिश्चित करना भी है। राज्य सरकार लगातार तकनीक आधारित निगरानी, पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर दे रही है, ताकि विकास कार्यों की गति बनी रहे और आम जनता को सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ मिल सके।
गुरुवार को होने वाली ये सभी बैठकें इस बात का संकेत हैं कि राज्य सरकार प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने, विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और सुशासन की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इन बैठकों से कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय और विभागों के लिए नए दिशा-निर्देश सामने आने की संभावना भी जताई जा रही है।







