लक्ज़मबर्ग के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री ज़ेवियर बेटेल ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद -यूएनएससी में भारत की स्थायी सीट की मांग का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक व्यवस्था की वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित करने के लिए इस निकाय में सुधार आवश्यक हैं।
एक समाचार एजेंसी को दिए साक्षात्कार में श्री बेटेल ने कहा कि भारत का आकार और वैश्विक महत्व एक विस्तारित सुरक्षा परिषद में इसके समावेश को आवश्यक बनाते हैं। उन्होंने कहा कि यूएनएससी का विस्तार उन प्रमुख देशों को शामिल करने के लिए किया जा सकता है जिनकी वर्तमान में कोई स्थायी भूमिका नहीं है। उन्होंने भारत और ब्राजील का उदाहरण दिया।
श्री बेटेल ने मौजूदा वीटो प्रणाली की आलोचना करते हुए इसे द्वितीय विश्व युद्ध का अवशेष बताया और तर्क दिया कि किसी भी एक देश को व्यापक अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा समर्थित निर्णयों को रोकने की शक्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने प्रस्ताव दिया कि सुरक्षा परिषद में दो-तिहाई बहुमत वीटो को रद्द करने में सक्षम होना चाहिए। श्री बेटेल ने सुरक्षा परिषद् में अधिक प्रतिनिधि और लोकतांत्रिक निर्णय लेने की प्रक्रिया की मांग की। श्री बेटेल तीन दिन की भारत की आधिकारिक यात्रा पर हैं।







