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रूस, अमेरिका और चीन ने त्रिपक्षीय बैठक की सैद्धांतिक संभावना को स्वीकार कियाः दिमित्री पेस्कोव


विदेश 19 October 2026
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रूस, अमेरिका और चीन ने त्रिपक्षीय बैठक की सैद्धांतिक संभावना को स्वीकार कियाः दिमित्री पेस्कोव

मॉस्को, 19 अक्टूबर  क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' को बताया कि रूस, अमेरिका और चीन ने एक त्रिपक्षीय बैठक होने की सैद्धांतिक संभावना को स्वीकार किया है।

पेस्कोव ने बताया, "बैठक या इसके संभावित एजेंडे को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट समझ नहीं बनी है, हालांकि तीनों पक्ष इस तरह की बैठक होने की सैद्धांतिक संभावना को मानते हैं।" अक्टूबर की शुरुआत में पेस्कोव ने कहा था कि एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपेक) शिखर सम्मेलन के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, अमेरिकी नेता डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच एक त्रिपक्षीय बैठक बहुत फायदेमंद होगी। यह सम्मेलन 18-19 नवंबर को चीन के शेंजेन में आयोजित होगा।पेस्कोव ने ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ से बातचीत में बताया कि रूस, अमेरिका और चीन इस विचार को संभावित विकल्प के रूप में देख रहे हैं, लेकिन इसे अंतिम रूप देने के लिए अभी कई पहलुओं पर चर्चा होना बाकी है। इस संभावित बैठक को वैश्विक राजनीति और प्रमुख शक्तियों के बीच संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रूस, अमेरिका और चीन दुनिया की तीन प्रमुख शक्तियां हैं, जिनके फैसलों का असर अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, व्यापार, अर्थव्यवस्था और कूटनीतिक संबंधों पर पड़ता है। ऐसे में इन तीनों देशों के शीर्ष नेताओं की एक साथ बैठक होने की संभावना को अहम माना जा रहा है। इससे पहले अक्टूबर की शुरुआत में भी दिमित्री पेस्कोव ने इस विषय पर अपनी राय रखी थी। उन्होंने कहा था कि एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग यानी एपेक शिखर सम्मेलन के दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच त्रिपक्षीय बैठक आयोजित होना काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, एपेक शिखर सम्मेलन 18 और 19 नवंबर को चीन के शेंजेन शहर में आयोजित होना है। ऐसे में इस सम्मेलन के दौरान तीनों नेताओं की संभावित मुलाकात को लेकर कूटनीतिक चर्चाओं पर नजर बनी हुई है। यदि यह बैठक होती है, तो इसमें वैश्विक चुनौतियों, प्रमुख देशों के आपसी संबंधों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे मुद्दों पर बातचीत की संभावनाएं बन सकती हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि तीनों देशों के नेता वास्तव में एक साथ बैठक करेंगे या नहीं। क्रेमलिन की ओर से दिए गए बयान में भी किसी निश्चित कार्यक्रम की पुष्टि नहीं की गई है। फिलहाल, रूस, अमेरिका और चीन के बीच इस संभावित बैठक को लेकर केवल सैद्धांतिक सहमति की बात सामने आई है। आने वाले दिनों में होने वाली कूटनीतिक बातचीत और आधिकारिक घोषणाओं से ही स्पष्ट हो सकेगा कि एपेक सम्मेलन के दौरान ऐसी किसी बैठक की योजना आगे बढ़ती है या नहीं।

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