आज विजयदशमी के अवसर पर भारत और न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) लागू हो गया है। इस समझौते के तहत न्यूजीलैंड को होने वाले सभी भारतीय निर्यात पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। नई दिल्ली में भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते के अवसर पर आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत 2047' के विजन के अनुरूप है।
उन्होंने कहा कि यह समझौता भारत के निर्यातकों, विशेष रूप से लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई), कारीगरों, किसानों और फार्मा कंपनियों के लिए नए महत्वपूर्ण अवसर खोलता है। मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों ने न्यूजीलैंड के साथ द्विपक्षीय व्यापार को 2030 तक लगभग 35 हजार करोड़ रुपये तक दोगुना करने के लक्ष्य की दिशा में काम करने पर सहमति जताई है।
श्री गोयल ने कहा कि भारत के किसानों को फल, सब्जियां, मसाले और अन्य कृषि उत्पादों के लिए व्यापक बाजार पहुंच प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि यह समझौता उत्पादकता बढ़ाने, आय में वृद्धि करने और आजीविका को मजबूत करने में सहायक होगा। मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि डेयरी सहित संवेदनशील क्षेत्रों को संरक्षित रखा गया है, और सरकार की कार्यशैली में किसानों का कल्याण सर्वोपरि है।
मंत्री ने कहा कि भारत में 20 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश को बढ़ावा देने के लिए न्यूजीलैंड की प्रतिबद्धता विनिर्माण, बुनियादी ढांचे, सेवाओं और नवाचार को मजबूत करने की अपार क्षमता रखती है। श्री गोयल ने कहा कि यह समझौता रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दोनों देशों के बीच विकास और पारस्परिक समृद्धि की साझा दृष्टि से निर्देशित यह लाभकारी साझेदारी कई और मील के पत्थर हासिल करेगी।







