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चक्रवात के असर से भारी बारिश की आशंका, गंगरेल बांध से कभी भी छोड़ा जा सकता है अतिरिक्त पानी


छत्तीसगढ़ 27 October 2026
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चक्रवात के असर से भारी बारिश की आशंका, गंगरेल बांध से कभी भी छोड़ा जा सकता है अतिरिक्त पानी

धमतरी, 27 अक्टूबर । चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से आगामी दिनों में जिले में भारी वर्षा, तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ मौसम बिगड़ने की आशंका है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन जलाशयों के जलस्तर और पानी की आवक पर लगातार नजर रख रहा है।

संभावित भारी बारिश और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से पानी की आवक बढ़ने पर रविशंकर सागर बांध (गंगरेल) से किसी भी समय अतिरिक्त पानी छोड़ा जा सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने और सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। 27 अक्टूबर की सुबह सात बजे प्राप्त जानकारी के अनुसार, गंगरेल बांध का जलस्तर 345.03 मीटर दर्ज किया गया, जबकि इसका पूर्ण जलाशय स्तर 348.70 मीटर है। बांध में पानी की आवक 5,904 क्यूसेक तथा जीवित जलभराव क्षमता का उपयोग 59.53 प्रतिशत है। इसी तरह दुधावा बांध का जलस्तर 424.03 मीटर है, जबकि इसका पूर्ण जलाशय स्तर 425.12 मीटर है। यहां पानी की आवक 209 क्यूसेक और जलभराव क्षमता 84.21 प्रतिशत दर्ज की गई है।

मुरूमसिल्ली बांध की जीवित जलभराव क्षमता 90.72 प्रतिशत है। वहीं, सौंदूर बांध का जलस्तर 469.71 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि इसका पूर्ण जलाशय स्तर 471.065 मीटर है। यहां पानी की आवक 20 क्यूसेक और जलभराव क्षमता 82.73 प्रतिशत है। जलाशयों की स्थिति और संभावित बारिश को देखते हुए प्रशासन ने नदी-नालों, पुल-पुलियों तथा जलप्रवाह वाले क्षेत्रों के आसपास जाने से बचने की अपील की है। बच्चों और युवाओं को नदी-नालों में नहाने, मछली पकड़ने तथा तेज बहाव वाले पानी को पार करने का प्रयास नहीं करना चाहिए। पुल-पुलियों के ऊपर से पानी बहने की स्थिति में आवागमन बिल्कुल न करें। निचले और बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में रहने वाले परिवार सतर्क रहें तथा जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहें। परिवार के सदस्यों, बच्चों, बुजुर्गों और पशुओं की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। तेज हवाओं, गरज-चमक और भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें तथा बिजली के खंभों, पेड़ों और जर्जर भवनों से दूर रहें। नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले नागरिक मौसम और जलाशयों से संबंधित आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखें तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन या संबंधित आपदा प्रबंधन दल को सूचना दें। प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और सावधानी बरतने की अपील करते हुए कहा है कि सतर्कता ही सुरक्षा का सबसे प्रभावी उपाय है।

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