ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची कल देर रात अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंचे। पश्चिम एशिया में युद्ध समाप्ति के लिए ईरान और अमरीका के बीच वार्ता फिर से शुरु करने के लिए राजनयिक प्रयास किए जा रहे हैं। इस वार्ता में ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाक़ाई भी शामिल होंगे। श्री बाक़ाई ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ईरान की चिंताएं पाकिस्तान के माध्यम से अमरीका तक पहुंचाई जाएंगी।
अमरीका भी राजनयिक संपर्क के ज़रिए समाधान के प्रयास कर रहा है और अमरीका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर के इस्लामाबाद पहुंचने की संभावना है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच सीधी वार्ता होगी। उन्होंने कहा कि उप-राष्ट्रपति जेडी वैंस वाशिंगटन से जुड़े रहेंगे और विदेश मंत्री मार्को रुबियो और राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ समन्वय करेंगे।
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कल कहा था कि ईरान, अमरीकी मांगों को पूरा करने के लिए एक प्रस्ताव देने की तैयारी कर रहा है। श्री ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान की सत्ता में आंतरिक विभाजन के संकेत मिल रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि समझौता होने तक अमरीका, ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी जारी रखेगा।
11 अप्रैल को अमरीकी उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में हुई वार्ता में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर कोई ठोस आश्वासन प्राप्त नहीं हो सका था।
ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने पाकिस्तान के लिए रवाना होने से पहले कहा कि वे क्षेत्रीय घटनाक्रम पर परामर्श के लिए पाकिस्तान, ओमान और रूस की यात्रा कर रहे हैं।







