केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने आज कहा कि पर्यावास बहाली, प्रौद्योगिकी आधारित निगरानी और विशाल बिल्लियों के सामुदायिक संरक्षण के लिए कॉरपोरेट फंडिंग आवश्यक है। नई दिल्ली में आयोजित सीआईआई वार्षिक व्यापार शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए मंत्री ने उद्योग जगत के नेताओं से वैश्विक विशाल बिल्ली संरक्षण प्रयासों में सक्रिय रूप से सहयोग करने का आग्रह किया। श्री यादव ने बताया कि भारत अगले महीने की 1 और 2 तारीख को राष्ट्रीय राजधानी में अंतर्राष्ट्रीय विशाल बिल्ली गठबंधन के तहत पहले अंतर्राष्ट्रीय विशाल बिल्ली शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। इस गठबंधन का उद्देश्य बाघ, शेर, चीता और हिम तेंदुआ सहित सात प्रमुख विशाल बिल्ली प्रजातियों का संरक्षण करना है। उन्होंने कहा कि विशाल बिल्लियाँ पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने और जैव विविधता एवं जल संसाधनों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
भारत की जलवायु संबंधी उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए श्री यादव ने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा की स्थापित क्षमता में देश अब वैश्विक स्तर पर तीसरे स्थान पर है, जबकि इस वर्ष मार्च तक कुल सौर ऊर्जा क्षमता 150 गीगावाट तक पहुंच गई है। उन्होंने आगे कहा कि भारत की स्थापित विद्युत क्षमता का लगभग 50 प्रतिशत अब गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से प्राप्त होता है, जिससे 2030 की समयसीमा से पहले ही लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। मंत्री ने कहा कि नवाचार को लचीलेपन, आर्थिक विकास को स्थिरता और विकास को सामाजिक समावेश के साथ जोड़कर भारत वैश्विक नेता के रूप में उभरने के लिए विशिष्ट रूप से तैयार है। उन्होंने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, स्टार्टअप और विनिर्माण क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति के साथ देश विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि आर्थिक परिवर्तन, सतत विकास, सामाजिक समावेश और मानव पूंजी विकास 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में भारत की यात्रा को परिभाषित करेंगे।







