ईरान
के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड
ट्रंप के इस दावे को खारिज कर दिया है कि वाशिंगटन ईरानी सेना के साथ बातचीत के
लिए एक गुप्त संपर्क स्थापित कर रहा है। आईआरजीसी के प्रवक्ता हुसैन मोहेबी ने इस
दावे को "भ्रम" बताया और कहा कि आईआरजीसी अधिकारियों और संयुक्त राज्य
अमेरिका के बीच कोई बातचीत नहीं हो रही है। मोहेबी ने यह भी कहा कि ईरान का
राजनयिक तंत्र वर्तमान में वाशिंगटन के साथ बातचीत में शामिल नहीं है, जिसका कारण उन्होंने अमेरिका
द्वारा अपने वादों का उल्लंघन बताया।
इस
बीच, ईरानी विदेश मंत्रालय के
प्रवक्ता इस्माइल बग़ाई ने भी इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में अधिकारियों के
माध्यम से संयुक्त राज्य अमेरिका और आईआरजीसी के बीच अनौपचारिक संपर्कों की खबरों
का खंडन किया है। उन्होंने एरबिल में कथित गुप्त अमेरिकी-ईरान बैठक की खबरों को भी
खारिज कर दिया। श्री बग़ाई ने कहा कि ऐसी खबरें मीडिया की चालों और मनोवैज्ञानिक
अभियानों का हिस्सा हैं, जिनका
उद्देश्य ईरान के निर्णय लेने वाले निकायों में फूट डालना है।
ये
घटनाक्रम ऐसे समय सामने आए हैं जब राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान से आत्मसमर्पण का सफेद
झंडा उठाने का आग्रह किया है, क्योंकि
कल रात 60
दिनों का
युद्धविराम समझौता समाप्त हो गया। हालांकि, उन्होंने संकेत दिया है कि वाशिंगटन तेहरान के लिए कोई समय
सीमा तय करने में जल्दबाजी नहीं कर रहा है। एक साक्षात्कार में, श्री ट्रंप ने कहा कि ईरान
पर अमेरिकी नौसैनिक दबाव जारी रहेगा। उन्होंने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज
जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर तेहरान के साथ ओमान की समानांतर वार्ता को लेकर
ओमान को कड़ी चेतावनी भी दी है।







