प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की किर्गिस्तान यात्रा के दौरान किर्गिज़ शिक्षाविद गुलज़ात मायाचिनोवा ने दोनों देशों के महाकाव्यों ‘मानस’ और ‘महाभारत’ के जरिए साझा सांस्कृतिक मूल्यों पर जोर दिया।
सभ्यतागत संवाद की पहल से जुड़ी है यह चर्चा
सोमवार को नेशनल एकेडमी ऑफ “मानस” के इंटरनेशनल रिलेशंस एंड कोऑपरेशन डिपार्टमेंट की प्रमुख और “मानस और महाभारत” सिविलाइजेशनल डायलॉग के इंटरनेशनल सेंटर की प्रतिनिधि मायाचिनोवा ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री मोदी के सभ्यतागत संवाद के विजन से गहराई से जुड़ी है। उन्होंने याद दिलाया कि 2025 में तियानजिन में SCO समिट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने खुद सिविलाइजेशनल डायलॉग की शुरुआत की थी।
उनके अनुसार, ऐसे संवाद से लोग एक-दूसरे के और करीब आ सकते हैं तथा संस्कृतियां मजबूत होती हैं। मायाचिनोवा ने बताया कि मानस दुनिया का सबसे बड़ा महाकाव्य है। यह किर्गिज़ लोगों का सांस्कृतिक कोड, राष्ट्रीय पहचान, जीवन और आत्मा है। महाभारत भी इसी तरह दुनिया का सबसे बड़ा महाकाव्य है। दोनों में दोस्ती, सहनशीलता, मजबूती और सहयोग जैसे साझा मूल्य हैं। उन्होंने कहा कि इन परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को अपनाकर नई सभ्यता विकसित करने का रास्ता निकाला जा सकता है।
पूर्व राजदूत ने बताया यात्रा को बड़ी और उल्लेखनीय घटना
भारत में किर्गिस्तान के पूर्व राजदूत इब्राइमोव ओस्मोन ने भी प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा को बहुत बड़ी और खास घटना बताया। उन्होंने दोनों देशों के करीबी रिश्तों पर जोर देते हुए कहा कि किर्गिस्तान और भारत के बीच बहुत अच्छे संबंध हैं। ओस्मोन ने भारतीय सभ्यता को दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यताओं में गिना और महाभारत की तुलना ग्रीक महाकाव्यों ओडिसी व इलियड से की। उन्होंने मानस को भी अंतरराष्ट्रीय संस्कृति की बड़ी धरोहर बताया।
10 हजार भारतीय छात्र किर्गिस्तान में पढ़ रहे हैं
पूर्व राजदूत ने शैक्षिक संबंधों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि लगभग 10,000 भारतीय छात्र किर्गिस्तान में पढ़ाई कर रहे हैं। भारत में किर्गिस्तान के पहले राजदूत के रूप में उन्होंने भारतीय छात्रों को यहां लाने में अपनी भूमिका पर गर्व जताया। उन्होंने किर्गिज़ छात्रों को भी भारत भेजने का आह्वान किया और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय तथा दिल्ली विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों का जिक्र किया। वैज्ञानिक सहयोग मजबूत करने और भारतीय तकनीकी व आर्थिक सहयोग (ITEC) कार्यक्रम का अधिक उपयोग करने की बात कही। उन्होंने भारत को विज्ञान के क्षेत्र में बड़ी ताकत बताते हुए बेंगलुरु और इंडियन एकेडमी ऑफ साइंसेज का उल्लेख किया।
पीएम मोदी बिश्केक पहुंचे, SCO समिट में लेंगे हिस्सा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को बिश्केक पहुंचे। उज्बेकिस्तान की राजकीय यात्रा पूरी करने के बाद वे 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। किर्गिज़ राष्ट्रपति सादिर जापारोव के निमंत्रण पर हुई इस यात्रा पर एयरपोर्ट पर कैबिनेट ऑफ मिनिस्टर्स के चेयरमैन आदिलबेक कासिमालीव ने उनका स्वागत किया। विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री ने बिश्केक में भारतीय समुदाय से मुलाकात की और दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने में उनके योगदान की सराहना की। 26वें SCO समिट में 10 सदस्य देश, 15 पार्टनर देश और दो ऑब्जर्वर देश क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। प्रधानमंत्री कई द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे।







