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बचपन लौटाता दूरदर्शन का लोकप्रिय एनिमेशन


देश 21 September 2026
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बचपन लौटाता दूरदर्शन का लोकप्रिय एनिमेशन

दूरदर्शन:एक चिड़िया अनेक चिड़िया

 'एक चिड़िया, अनेक चिड़िया'  को आज यू ट्यूब में  देखा। ये  भारत की पहली एनिमेटेड फिल्म थी, जो 1974 में दूरदर्शन पर दिखाई गई थी। अस्सी के दशक में  बच्चों के साथ यह गाना दिखाया गया था। अक्सर सीरियलों के बीच में, खासकर रविवार को दिखाई जाती थी।  एनिमेशन में पक्षियों, गिलहरियों आदि को देखकर मंत्रमुग्ध हो जाते थे । इस फिल्म को इसके एनिमेशन और इसके द्वारा दिए गए संदेश के लिए पसंद किया गया था, जो बहुत ही सरल और प्रभावशाली था!

संगीत निर्देशक मशहूर वसंत देसाई थे।मुख्य गायिका साधना सरगम हैं ,(जो उन दिनों खुद भी आठ साल की थी)।चित्र भीमसेन खुराना ने बनाए हैं , जिन्होंने फिल्म ' घरौंदा' का निर्देशन किया था !

भीमसेन खुराना के बेटे किरीट खुराना अपनी डॉक्यूमेंट्री फिल्मों और एनिमेशन फिल्म निर्माण के लिए प्रसिद्धि प्राप्त कर रहे थे।भीमसेन द्वारा चित्रित और साधना सरगम द्वारा गाई गई यह शिक्षाप्रद रचना आज भी दर्शकों के लिए एक विशिष्ट दर्जा रखती है और मीठी यादें संजोए हुए है:

 पूरा गाना इस प्रकार था

एक चिड़िया, अनेक चिड़िया

हिंद देश,हम सभी एक हैं...

भाषा अनेक हैं

ये अनेक क्या हैं दीदी?

अनेक यानि बहुत सारे....

बहुत सारे, क्या बहुत सारे?

अच्छा, बताती हूं...

सूरज एक...

चंदा एक...

तारे अनेक....

तारों को अनेक भी कहते हैं 

नहीं नहीं!

देखो फिर से

सूरज एक, चंदा एक, एक एक करके तारे बने अनेक...

ठीक से समझाओ ना दीदी

देखो एक गिलहरी

पीछे पीछे अनेक गिलहरियां

एक तितली, ..... एक और तितली......

एक एक करके हो गई अब, अनेक तितलियां...

समझ गया दीदी

एक उंगली, अनेक उंगल

हां,

दीदी दीदी वो देखो अनेक चिड़ियां...

अनेक चिड़ियों की कहानी सुनोगे ....

हां हां,

एक चिड़िया, एक एक करके अनेक चिड़िया....

दाना चुगने आई चिड़ियां .....

 (दीदी हमें भी सुनाओ.......)

तो सुनो फिर...

एक चिड़िया, अनेक चिड़ियाँ

दाना चुगने बैठ गई थी...

है राम, पर वहाँ ब्याघ ने एक जाल फेका था...

ब्याघ, ब्याध कौन दीदी?

ब्याघ...चिड़िया पकड़ने वाला

"फिर क्या हुआ दीदी, ब्याघ ने उन्हें पकड़ लिया, मार डाला..."

हिम्मत से गर जूटे रहे तो

छोटे हो पर, मिले रहे

थो बड़ा काम भी होवे भइया..बड़ा

काम भी होवे भइया...

एक..दो..तब..

चतुर चिड़ियां, सयानी चिड़ियाँ

मिलजुल कर, जाल ले कर, भागी चिड़ियाँ

फुर्रररर

दूर, एक गाँव के पास, चिड़ियों के दोस्त, चूहे रहते थे....

और उन्होंने, चिड़ियों का जाल, काट दिया.........

तो देखा की तुमने, अनेक, सिर्फ एक होते हैं थो कैसा मजा आता हैं

दीदी मैं बताऊ...

एक उंगली, बंद होते होते 

बन गई मुट्ठी

हो गए एक...

बन गई ताकत..

बन गई हिम्मत...

दीदी अगर हम एक हो जाएं तो बड़ा काम कर सकते हैं?

हां हां, क्यों नहीं...

तो क्या पेड के आम भी  तोड़ सकते हैं?

हां, पर जुगत लगानी होगी...

हिंद देश के निवासी सभी जन एक हैं, -

रंग-रूप वेश-भाषा चाहे अनेक हैं -

एक-अनेक... एक-अनेक...

सूरज एक, चंदा एक, तारे अनेक,

एक तितली, अनेक तितलियाँ,

एक गिलहरी, अनेक गिलहरियाँ,

एक चिड़ियाँ, एक एक... अनेक चिड़ियाँ

बेला गुलाब जूही चम्पा चमेली... 

फूल हैं अनेक प्रकार माला फिर एक है...

  आज के बच्चों के लिए ये बहुत शिक्षाप्रद वीडियो है। इसे जरूर देखना, दिखाना चाहिए

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