दोबारा साक्षात्कार देने की आवश्यकता नहीं
हालांकि, जो लोग पिछली सूची में थे और साक्षात्कार एवं
नमूना शिक्षण में भाग ले चुके हैं, उन्हें दोबारा
साक्षात्कार देने की आवश्यकता नहीं होगी. पिछले साक्षात्कार एवं व्याख्यान
प्रदर्शन में प्राप्त अंक मान्य रहेंगे. अर्थात्, उनके मामले
में अंतिम मूल्यांकन पिछली लिखित परीक्षा, शैक्षणिक स्कोर और
साक्षात्कार में प्राप्त अंकों के आधार पर किया जाएगा.
नई पैनल और प्रतीक्षा सूची भी
होगी प्रकाशित
नई संशोधित सूची के परिणामस्वरूप, भर्ती
प्रक्रिया में नए सिरे से शामिल किए गए सभी उम्मीदवारों के दस्तावेजों का पुनः
सत्यापन किया जाएगा. इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद, विद्यालय
सेवा आयोग अगले चरण पर आगे बढ़ेगा. इसके बाद, विद्यालय सेवा
आयोग संशोधित अंतिम योग्यता सूची प्रकाशित करेगा. इसके साथ ही, नई पैनल और प्रतीक्षा सूची भी प्रकाशित की जाएगी. अर्थात्, पूर्व पैनल और प्रतीक्षा सूची के स्थान पर, नए
आरक्षण नियमों के अनुसार तैयार की गई सूची भर्ती के लिए प्रभावी होगी.
7 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण
नियम
यानी, कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, 7 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण नियम के अनुसार भर्ती प्रक्रिया पुनः शुरू होने जा
रही है. हालांकि, जो उम्मीदवार पहले ही साक्षात्कार और नमूना
शिक्षण में भाग ले चुके हैं, उन्हें पूरी प्रक्रिया में
दोबारा भाग लेने की आवश्यकता नहीं होगी. विद्यालय सेवा आयोग उनके पुराने अंकों को
बरकरार रखते हुए संशोधित मेरिट सूची तैयार करेगा.
ओबीसी आरक्षण
पश्चिम बंगाल में एक समय ओबीसी के लिए 7 प्रतिशत आरक्षण था. बाद में 2010 में आरक्षण दर
बढ़ाकर 17 प्रतिशत कर दी गई. कलकत्ता उच्च न्यायालय के 2024
के आदेश में 66 वर्गों के लिए 7 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण को बरकरार रखा गया. न्यायालय के फैसले के आधार पर,
इन 66 वर्गों के लिए 7 प्रतिशत
ओबीसी आरक्षण प्रभावी बना रहा. राज्य में बदलाव के बाद, राज्य
सरकार ने ओबीसी आरक्षण से संबंधित पिछली अधिसूचना रद्द कर दी. श्रम विभाग ने एक नई
अधिसूचना जारी की. सरकारी नौकरियों में 7 प्रतिशत ओबीसी
आरक्षण बनाए रखने के लिए एक अधिसूचना जारी की गई. एसएससी ने इसी अधिसूचना के आधार
पर यह कदम उठाया.







